इन्दौर । कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर कलेक्टर श्री जाटव ने कहा की लोकसभा निर्वाचन के कारण पिछले तीन महीने से नामांतरण, बँटवारा और सीमांकन के अनेक प्रकरण लम्बित हैं। विशेष मुहिम चलाकर  30 जून से पूर्व निराकरण करें। उन्होंने कहा की सबसे ज्यादा प्रकरण सीमांकन के शेष है। सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण किया जाये। राजस्व प्रकरणों का निराकरण हेतु कार्यालय में शिविर लगारकर और विशेष अभियान चलाकर समाधान किया जाये। प्रकरण का निराकरण कराना एसडीएम की जिम्मेदारी होगी। इसमें तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक व पटवारी सहयोग करेंगे।
कलेक्टर श्री जाटव ने कहा कि राज्य शासन की सर्वोच्च प्राधमिकता है कि सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और राजस्व प्रकरण समय-सीमा में निराकृत किये जाये। गुड गर्वेनेस करने के लिये ऐसा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों की हर माह ग्रेडिंग की जाये और उसका प्रचार-प्रसार किया जाये। किसी राजस्व प्रकरण में तहसीलदार जांच करेंगे और एसडीएम उसका निराकरण करेंगे। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों निराकण की सूचना आवेदक को मोबाइल के जरिये एसएमएस से देना जरूरी है।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर (विकास) श्रीमती नेहा मीना ने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार इस वर्ष वर्षा पूर्व जिले में तालाब गहरीकरण का विशेष अभियान चलाया जायेगा तथा जुलाई में वृक्षारोपण के लिये मनरेगा से गड्डे खोदे जायेंगे और अगस्त में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में चुनिंदा जगहों पर गोशाला खोली जायेगी। नदियों के उद्गम स्थल को अतिक्रमण से मुक्त किया जायेगा। अकेले महू तहसील से 12 नदियां निकलती हैं। उनके उद्गम स्थल के आस-पास साफ-सफाई, वृक्षारोपण और गहरीकरण किया जायेगा।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेड़े ने कहा कि राजस्व अधिकारीगण न्यायालयीन प्रकरणों का समय-सीमा न्यायालय में जवाब प्रस्तुत प्रकरणवार नस्ती संधारित की जाये। अवमानना के प्रकरणों को सर्वोच्च प्राधमिकता दी जाये। बैठक को अपर कलेक्टर श्री दिनेश जैन और श्री अजयदेव शर्मा ने भी सम्बोधित किया। बैठक में सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार आदि मौजूद थे।