इन्दौर । सभी सहायक रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा शासकीय होलकर साइंस महाविद्यालय और शा. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में पीठासीन अधिकारियों और मतदान दल के सदस्यों के प्रशिक्षण सत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया व मतदान दल के सदस्यों की समस्याओं तथा जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
आज शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय और शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में 3 हजार 440 से अधिक मतदान कर्मियों को  प्रशिक्षण दिया गया । यह प्रशिक्षण 10 मई तक चलेगा। लगभग 13 हजार मतदान और मतगणना कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। मतदान कर्मचारियों को बैलेट यूनिट कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का यह दूसरा चरण है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा शिविर लगाया गया और एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई।
कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट का भी प्रशिक्षण दिया गया। कर्मचारियों को मतदान प्रक्रिया की बारीकियों को समझाया गया। कर्मचारियों को बताया गया कि निरक्षर, अंधे और दिव्यांग मतदाताओं को एक सहायक रखने की भी सुविधा मिलेगी।
कर्मचारियों को बताया गया कि मतदान से पूर्व बाईं तर्जनी उंगली में अमिट स्याई का निशान लगाना है। मतदान के बाद कंट्रोल यूनिट को बंद करना है। मॉक पोल जरूर करना है। मतदान के बाद ईवीएम मशीन सील करना जरूरी है। मतदान के बाद 11 प्रकार के लिफाफों का उपयोग किया जायेगा। मतदान संपन्न होने के बाद वीवीपेट की बैटरी अलग करना जरूरी है।
प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा इस ट्रेनिंग के दौरान अच्छी सुविधा मुहैया करायी जा रही है। पेयजल स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस, सशुल्क छाछ की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे हम लोगों बहुत खुशी है। इन्हें इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट या पोस्टल बैलेट भी दिया जा रहा है। कर्मचारियों को आडिओ/वीडियो के जरिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रश्नों के उत्तर भी दिया गया। कर्मचारियों के जिज्ञासाओं का समाधान किया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी मौजूद थे।
प्रशिक्षण शिविर में डिप्टी कलेक्टर श्री अंशुल खरे द्वारा मतदान दल, सेक्टर ऑफिसर, एफएसटी, एसएसटी, वीवीटी, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, वेबकास्टिग टीम, ड्रायवर, कन्डक्टर, वीडियोग्राफी टीम, मॉइक्रो आब्जर्वर, डॉक्टर, संचार टीम, पुलिस, होमगार्ड, स्पेशल पुलिस ऑफिसर, एसएएफ जवानों को भी ईडीसी या बैलेट पेपर भी हाथोंहाथ दिये गये।