अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान व दंगल गर्ल बबीता फौगाट के प्‍यार को मुकाम मिल गया है। बबीता की करीब पांच साल से दिल्‍ली के नजफगढ़ के विवेक सुहाग से दोस्‍ती थी। यह दोस्‍ती धीरे-धीरे प्‍यार में बदल गया और फिर दोनों ने अपने परिवार को इस बारे में बताया। परिवारों की मंजूरी के बाद बबीता ने विवेक को अपना हमसफर व सुहाग बनाने की जानकारी दे दी। पिता महावीर फौगाट ने बताया कि दाेनों नवंबर में परिणय सूत्र में बंधेंगे।

दोनों के प्‍यार को उनके परिवारों ने दी मंजूरी, नवंबर में बंधेंगे परिणय सूत्र में

चरखी दादरी जिले के गांव बलाली निवासी बबीता फौगाट और विवेक झज्‍जर जिले के गांव मातनहेल के मूल निवासी है। विवेक अब दिल्‍ली के नजफगढ़ में रह रहे हैं। बबीता व विवेक एक-दूसरे को पिछले चार-पांच वर्षों से जानते है और अच्छे दोस्त हैं। दोनों इसी साल नवंबर में शादी के बंधन में बंधेंगे। भारत केसरी खिताब जीत चुके पहलवान विवेक सुहाग फिलहाल भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं। बबीता ने विवेक सुहाग के साथ  रिश्ता पक्का होने की जानकारी अपने फेसबुक तथा ट्विटर हैंडल पर भी शेयर की है। विवेक व बबीता का रिश्ता पक्का होने के बाद दोनों के परिवार में खुशी का माहौल है।

 

 

महावीर फौगाट से आर्शीवाद लेते विवेक सुहाग। 

बबीता बोलीं- विवेक की ईमानदारी, आदर करने का तरीका आया पसंद

 

अंतरराष्ट्रीय पहलवान बबीता फौगाट ने जागरण से बातचीत में कहा, 'खिलाड़ी होने के चलते मैं 4-5 साल पहले विवेक सुहाग से मिली थी। उसके बाद धीरे-धीरे हम में दोस्ती हो गई। मुझे विवेक के स्वभाव के साथ ही दूसरों का आदर करने का तरीका व ईमानदार प्रवृति काफी पसंद आई। हमारी मुलाकात दिल्ली ताज होटल में एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। इस दौरान मेरी मॉसी भी साथ थीं। इसी दौरान हमारी दोस्ती प्यार में बदली। अ इसके बाद हमने अपने-अपने परिवार से रिश्ते को लेकर बात की और शादी करने की इच्‍छा जताई। 2 जून को ही दोनों के परिवारों ने इस रिश्ते को मंजूरी दे दी। परिवार ने सहमति की मोहर लगाकर मुझे बड़ा तोहफा दिया है।'

 

 

पिता महावीर फौगाट और बहनों के साथ बबीता फौगाट।

कई पदक जीत चुकी है बबीता 
बबीता ने वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता था। उसके बाद वर्ष 2014 में ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में बबीता स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2018 में गोल्ड कोस्ट में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में बबीता ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। बबीता फौगाट द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महाबीर फौगाट की बेटी तथा महिला पहलवान गीता फौगाट की छोटी बहन है। महाबीर फौगाट के संघर्ष पर 'दंगल' फिल्म भी बनी थी।

 

 

बबीता व विवेक की शादी से टूटेंगी बंदिशें भीं, महावीर फौगाट बोले- बेटी की खुशी में ही सबकी खुशी

राजस्थान सीमा से सटे भिवानी व चरखी दादरी को खापों का क्षेत्र भी कहा जाता है और आज के दौर में भी यहां लव मैरिज को मुश्किल से तवज्जो मिलती है। लेकिन अब बंदिशों की दीवारें टूटने लगी हैं और सोच भी बदलने लगी है। बबीता और विवेक की शादी से भी इस मामले में बंदिश टूटेगी। वैसे भी गीता और बबीता के पिता महाबीर फौगाअ ने बंदिशों को तोड़ अपनी और बेटियों की दुनिया भर में पहचान बनाई थी। उन्‍होंने सबसे पहले बंदिश की दीवार को बेटियों को लड़कों के साथ कुश्ती करवाकर तोड़ी थी। इसके बाद अब बेटियों को उनकी पसंद के हमसफर चुनने पर साथ देकर समाज में एक नई पहल शुरू की है।

 

 

बड़ी बहन गीता के साथ बबीता फौगाट।

 

बबीता फौगाट ने अपने लिए दुल्हा चुना तो परिवार ने कोई विरोध करने की बजाए बेटी के फैसले के साथ रहने की पहल की और इस शादी को लव कम अरेंज मैरिज में तब्दील कर दिया। विशेष बातचीत में महाबीर फौगाट ने कहा, बेटी की खुशी में ही हम सब की खुशी है। बेटी जहां भी रहे वह खुश रहे। यह फर्क नहीं पड़ता कि पसंद बेटी की हो या मेरी। उन्होंने कहा कि बबीता की मंगनी कर दी गई है और नवंबर में शादी करने की योजना है। गांव में ही यह शादी बड़े धूमधाम से की जाएगी।  बबीता के चाचा सज्जन बलाली ने कहा कि इस रिश्ते से पूरे परिवार में बड़ी खुशी का माहौल है। हर कोई इस शादी को यादगार बनाने में जुट गया है। मैं भी बेटी की खुशी के लिए हर संभव प्रयास कर रहा हूं।