बच्चे की याददाश्त बचपन से ही तेज कैसे रखी जाए। इसके लिए बच्चे के आहार पर ध्यान देने के साथ ही आपको बच्चे के साथ कुछ छोटी-छोटी दिमागी कसरतें भी करनी होंगी। उसे टीवी पर क्विज शो और पढ़ाई से जुड़े शो दिखायें। 
आप कहीं घूमने गये हैं तो वापस आने के बाद बच्चे से उससे जुड़ी बातें पूछें। जैसे उसने क्या क्या देखा और कहां क्या था। 
वहीं एक और तरीका लेफ्ट-राइट एक्सरसाइज याददाश्त बढ़ाने का बेहद खास तरीका है। इसमें बच्चे के सामने कई सारे खिलौने रखे होते हैं और उन्हें उन खिलौनों को दाईं या बाईं ओर रखने के लिए कहा जाता है। बच्चे को कुछ गेंदें दीजिए और उन्हें दाईं ओर रखी टोकरी में रखने के लिए कहिए। दूसरे दिन भी उसे गेंद को वहीं रखने के लिए कहिए, पर तीसरे दिन गेंदों को बाईं ओर रखने के लिए कह दीजिए। बच्चे का हाथ पहले दाईं ओर ही बढ़ेगा पर, लगातार इस तरह के अभ्यास से उसकी मानसिक सतर्कता और याददाश्त मजबूत होगी।
पढ़ाई के बाद आपको बच्चे के साथ अंग्रेजी के अक्षर वॉवेल से जुड़ा खेल खेलें है। कागज पर एक बॉक्स बनाएं और उसमें अंग्रेजी के कुछ अक्षर लिखें। बच्चे से उन शब्दों को काटने के लिए कहें, जिसमें वॉवेल न हों। इस तरह से बच्चे की अंग्रेजी तो अच्छी होगी ही, उसका दिमागी विकास भी होगा।
घर के कामों में लगाएं 
बच्चे को भी घर के काम में शामिल कीजिए। उन्हें कुकिंग से जुड़े छोटे-छोटे काम करने के लिए बोलें ताकि वो जान जाएं कि कौन-सी चीज कहां रखी है? अब अगले दिन उन्हें फिर से वही चीजें आपको रसोई से लाकर देने के लिए कहें। इससे होगा यह कि आपको पता चलेगा कि चीजें कहां रखी हैं, बच्चे को यह याद भी है या नहीं। जैसे आप बच्चे से प्याज लाने के लिए बोलिए। अगले दिन जब वो फिर यही काम करेगा तो दिमाग पर जोर डालेगा कि मां ने प्याज कहां रखे थे। 
इसके अलावा बच्चे के सामने कुछ अंक बोलिए और उन्हें याद करने के लिए कहिए। अगले दिन बच्चे को आपको वो सारे अंक बताने होंगे। आप कोई ऐसा नंबर बच्चे के सामने बोलिए जो उसे याद कराना ही हो। अब अगले कुछ दिनों तक बच्चे से वह नंबर नियमित रूप से पूछती रहें। इससे खेल-खेल में उसकी याददाश्त बढ़ेगी। 
बच्चा कहीं भी अपना पसंदीदा खिलौना या कोई और सामान रख कर आये तो उसे लाने के लिए कहे और इसके लिए उसको हिंट देते रहें। जिससे वह जगह का अनुमान लगाये।