मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ ने घोषणा पत्र को उबाऊ एवं पुराने लम्बित वादों का पुलिन्दा बताया है। योगी ने कहा है कि कांग्रेस का 55 पेज का घोषणापत्र 55 वर्षों के उबाऊ और  पुराने अपूर्ण वादों का नया संकलन है। घोषणा पत्र में (मोटे-मोटे अक्षरों में ) बोल्ड करके बार बार लिखा है,‘हमने ऐसा पहले भी किया है, और हम इसे दुबारा भी करेंगे।’ बकौल योगी, इस तरह की चुनावी खोखली घोषणाएं और सत्ता में आने के बाद हर तरह के घोटाले कांग्रेस पार्टी देश की आजादी के बाद से लगातार करती आई है। लिहाजा जनता ने भी सब कुछ जानकर ही इन्हें खारिज किया है और आगे भी उसी प्रकार से जनता इन्हें दुबारा भी खारिज करेगी। 

योगी ने कहा है कि पूरा देश जानता है कि कांग्रेस पार्टी ने 55 वर्षों तक देश की जनता के साथ सिर्फ अन्याय ही किया है। राहुल गांधी ने खुद कहा है कि हम जो करते आए हैं, उसे ‘’हम निभाएंगे।‘’मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस में एक मूलभूत अंतर है। भाजपा की कथनी करनी में कोई फर्क नहीं है। जो पीए मोदी की सरकार के 55 महीने के कार्यकाल में साफ दिखा है जबकि कांग्रेस की कथनी करनी का अंतर पिछले 55 सालों में जनता ने देखा और झेला है। 

 राहुल गांधी ने स्वयं इस घोषणा पत्र के कोरे वादों को रट भले ही लिया हो, लेकिन वे इसे जमीन पर नहीं उतार पाएंगे।  श्री योगी ने यह भी कहा कि जीडीपी में शिक्षा के जिस छह प्रतिशत का वादा राहुल गांधी ने किया है, वे शायद भूल गए हैं कि उनकी यूपीए सरकार में 2014 में यह प्रतिशत 3.8 था और भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर 4.6 प्रतिशत कर दिया है। जिसे बढ़ाकर छह प्रतिशत करने का भाजपा का ही लक्ष्य है। इसी बात को कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में दोहराया है। 

देश विदेश के बड़े बड़े अर्थशास्त्रियों तक का कहना है कि कांग्रेस की न्याय योजना की लागत जीडीपी के एक प्रतिशत तक होगी जोकि फिलहाल मौजूदा समय के लिहाज से बजट की गुंजाइश से बाहर की बात है। फिर यह पैसा क्या कांग्रेस अपने नेताओं के स्विस खातों से, जिसमें दशकों से जनता को लूटकर इकठ्ठा किया है वहां से लाएगी!  उन्होंने कहा कि गौर करने वाली बात है कि इस योजना का वादा सिर्फ कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस हमेश महामिलावटी गठबंधन वाली सरकार बनाती रही है। 37-38 सीटों पर लड़कर प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब देखने वाले क्या कांग्रेस की इन हवा-हवाई योजनाओं का समर्थन करेंगे ?