कई ग्राम प्रधान के दावेदारों को झटका, नहीं लड़ पाएंगे चुनाव 

 मेरठ  
यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत आरक्षण की अनंतिम सूची जारी कर दी गई। नई लिस्ट में जिला पंचायत, ब्लाक प्रमुख, बीडीसी, ग्राम प्रधानों के आरक्षण में भारी फेरबदल हो गया है। अब ऐसे में कई दावेदार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। उसकी सीट दूसरी जाति के लिए आरक्षित हो गई है। 

मेरठमें निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविन्दर सिंह का वार्ड-1 ही एससी महिला के लिए आरक्षित हो गया है। वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और सपा नेता अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान का वार्ड-2 महिला से ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है। इस तरह जिला पंचायत के 33 वार्डो, 12 ब्लाक प्रमुखों, 479 ग्राम प्रधानों और 824 बीडीसी सदस्यों के आरक्षण में भारी फेरबदल हो गया है। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर शासन के आदेश पर मेरठ जिले में एक महीने में दूसरी बार जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों के आरक्षण का शनिवार को डीएम के बालाजी, सीडीओ शशांक चौधरी, जिला पंचायत के एएमए एसके गुप्ता, डीपीआरओ आलोक सिन्हा के हस्ताक्षर से अनंतिम प्रकाशन कर दिया गया। दो मार्च को 1995 के आधार पर शासन के आदेश पर चक्रानुक्रम में पंचायतों का आरक्षण जारी किया गया था। अब 2015 के आधार पर आरक्षण जारी किया गया है।

विभिन्न वर्गों को मिलेगा लाभ

जिला पंचायत में 33 में से 25 और ब्लाक प्रमुख में 12 में से चार पदों के आरक्षण में अब परिवर्तन हो गया है। कुछ वर्गो को पहली बार आरक्षण मिला है। कई अनारक्षित क्षेत्रों में पहली बार विभिन्न वर्गो को आरक्षण मिल रहा है। साफ है कि जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख जैसे पदों पर कई वर्गो को लाभ मिलेगा। जिला पंचायत, ब्लाक प्रमुख, बीडीसी, ग्राम प्रधानों के आरक्षण में भी भारी फेरबदल हो गया है।

ग्राम प्रधान के 171 पद, जिला पंचायत में 13 पद अनारक्षित

मेरठ जिले में 479 ग्राम प्रधान के पद हैं। इसमें से 171 पद अनारक्षित, 76 पद महिला, 80 पद ओबीसी, 47 पद ओबीसी महिला, 67 पद एससी और 38 पद एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसी तरह जिला पंचायत में 33 पद सदस्यों के हैं। 13 पद अनारक्षित, पांच महिला, पांच ओबीसी, तीन ओबीसी महिला, तीन एससी महिला और चार एससी के लिए आरक्षित किया गया है। मेरठ जिले में 12 पद ब्लॉक प्रमुख के हैं, जिसमें से पांच अनारक्षित, दो ओबीसी, दो महिला, एक एससी, एक ओबीसी महिला और एक एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसी तरह 824 पद क्षेत्र पंचायत(बीडीसी) और 6373 पद ग्राम पंचायत सदस्यों के हैं। शासन से जारी फार्मूले के तहत आरक्षण का चक्रानुक्रम के आधार पर व्यवस्था की गई है। जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायतों के आरक्षण पर यदि किसी को आपत्ति है तो डीपीआरओ कार्यालय में 23 मार्च तक दी जा सकती है। 24 और 25 मार्च को आपत्तियों का एकत्रीकरण, परीक्षण और निस्तारण किया जाएगा। 26 मार्च को अंतिम प्रकाशन कर शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।

Source : Agency

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Name: धीरज मिश्रा (संपादक)

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