भोपाल : राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने युवाओं से कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व से प्रेरणा प्राप्त करें। उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति, उच्च मानवीय संवेदनाएँ और कर्तव्यों के प्रति समर्पण की भावना से सीख लेकर उसे जीवन में उतारें। श्री पटेल ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में श्री मोदी जी के व्यक्तित्व और कार्य-प्रणाली के प्रंसग का जिक्र करते हुए युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट और स्ट्रांग कार्य-प्रणाली सफलता की गारंटी है। उत्कृष्टता, कौशल में नहीं दृष्टिकोण में होती है। इसलिए लक्ष्य ऐसा बनाये जिसका पीछा करना है। अंतिम लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए आगें बढ़ना चाहिए।

राज्यपाल श्री पटेल आज राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्म दिवस के अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विश्वविद्यालय में रक्तदान शिविर का शुभारम्भ और रुद्राक्ष के पौधें का रोपण किया।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गुजरात के सूरत में आई बाढ़ के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि सूरत शहर में एक बार भयंकर बाढ़ आई थी। क्षेत्र के निचलें इलाकों में 14 फुट तक पानी भर गया था। रात में सूचना मिलते ही प्रभारी मंत्री के रूप में वे स्थल पर पहॅुंचे। तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बाढ़ की सूचना दी। श्री मोदी ने उनको बताया कि सुबह ही सूरत पहॅुंच जाएगे। श्री पटेल ने बताया कि सूरत आकर श्री मोदी ने छोटी सी नाव में बैठकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के घर-घर जाकर लोगों से सीधे बात की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बाढ़ प्रभावित परिवार अत्यंत हर्षित हो गए, कहने लगे कि आप आ गए अब कोई दिक्कत नहीं है। श्री मोदी जी ने आत्मीय भाव के साथ उनसे चर्चा कर, उनकी छोटी-छोटी जरूरतों की भी जानकारी ली। अधिकाँश परिवारों ने बताया कि विगत दो दिनों से चाय का सामान नहीं होने से वे लोग चाय नहीं पी सके है। मुख्यमंत्री श्री मोदी जी ने भ्रमण से लौटते ही देर रात में नदी किनारे के समस्त जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि छोटी नावें सुबह 7 बजे से पहले सूरत में उपलब्ध करा दें। इस तरह सौ नावों को एकत्र कर उनमें चाय के लिए जरूरी सभी सामग्री प्रात: 7 बजे से 10 बजे के बीच बाढ़ प्रभावित प्रत्येक घर में पहुँचायी गयी।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जीवन में आत्म-संतुष्टि का होना सबसे बड़ी खुशी है। इसलिए जीवन में मनी, पॉवर और प्रेस्टीज के लिए किसी के पीछे भागना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में र्स्टाटअप के लिए अनुकूल वातावरण बना हुआ है। फूड एन्ड एग्रीकल्चर सेक्टर में ग्रोथ की अपार संम्भावनाएँ है। केन्द्र सरकार ने कृषि से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं के लिए एक लाख करोड़ का एग्री-इन्फ्रा-फंड भी बनाया है। शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराने के लिए एक हजार करोड़ रुपए का सीड फंड शुरू किया है। उन्होंने कहा कि र्स्टाटअप को बड़ा बाजार भी उपलब्ध कराया गया है। सरकारी टेंडर्स में र्स्टाटअप को भी उतना ही मौका मिल रहा है जितना किसी बड़ी कंपनी को। अब तक करीब 8 हजार र्स्टाटअप जेम पोर्टल पर रजिस्टर हैं, जिन्होंने लगभग 2,300 करोड़ रुपए का व्यापार भी किया है। राज्यपाल की उपस्थिति में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और नेशनल कैडेट कोर के मध्य एम०ओ०यू० भी हस्ताक्षरित हुआ।

स्वागत उद्बोधन में कुलपति श्री सुनील कुमार ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय द्वारा तकनीकी शिक्षा के साथ एन०सी०सी० को इलेक्टिव विषय के रूप में जोड़ा गया है। इंजीनियरिग विद्यार्थियों को क्रेडिट भी दिया जाएगा। अतिथियों द्वारा कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। एन०सी०सी० के कमांडिग ऑफिसर ब्रिगेडिर संजोय घोष और एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के संस्थापक प्रो० चेतन सिंह सोलंकी सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी और विद्या‍र्थी उपस्थित थे।