अहमदाबाद | गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भारत के युवाओं से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध होने का आह्वान किया है। डॉ. बाबासाहब अम्बेडकर ओपन युनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि युनिवर्सिटी से डिग्री प्राप्त करके मात्र रोजगार का लक्ष्य नहीं होना चाहिए अपितु युवाओं को इसके साथ ही, राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाकर राष्ट्रनिर्माण का लक्ष्य रखना चाहिए। युवाओं से राष्ट्र की अपेक्षाएं हैं। इसका उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ सभी के कल्याण के लिए पुरुषार्थ करना चाहिए। स्त्री भ्रूण हत्या के कलंक को मिटाने के लिए युवाओं से संकल्पबद्ध होने का अनुरोध करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा प्राप्त की जा सकती है, इस बात को डॉ. बाबासाहब अम्बेडकर ओपन युनिवर्सिटी ने सार्थक किया है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। कोरोना संक्रमण के समय में शरीर की रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाने के लिए राज्यपाल ने प्राकृतिक कृषि को इसका श्रेष्ठ विकल्प बतलाया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इस युनिवर्सिटी को मह्त्वपूर्ण करार देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा क्षेत्र में गुजरात द्वारा की गई महत्वपूर्ण प्रगति देशभर में अग्रसर और अनुकरणीय है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को वीडियो सन्देश के माध्यम से शुभकामनाएं दी। गुजरात के शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा ने कहा कि गुजरात के किसी भी कोने में बसे और समय या सुविधा के अभाव में कोई व्यक्ति अब शिक्षा से वंचित ना रहे, इसके लिए डॉ. बाबासाहब अम्बेडकर युनिवर्सिटी प्रतिबद्ध है। शिक्षा राज्यमंत्री विभावरीबेन दवे ने इस युनिवर्सिटी को दूर-सुदूर बसे युवाओं और महिलाओं की शिक्षा के लिए आशीर्वाद समान बतलाया। डॉ. बाबासाहब अम्बेडकर ओपन युनिवर्सिटी के इस पांचवें ऑनलाइन दीक्षांत समारोह में अग्र सचिव अंजु शर्मा, भारतीय विश्वविद्यालय संघ-नई दिल्ली की जनरल सेक्रेटरी पंकज मित्तल ने भी अपनेक विचार व्यक्त किए।