इंदौर. बलजीत नाम के युवक ने मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsi Silavat) के बंगले को सील करने की मांग की. पर उसकी बातचीत का लहजा आपत्तिजनक था. इस बाबत पुलिस से शिकायत की गई तो पुलिस ने उसे देर रात गिरफ्तार कर लिया. मामला मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore) का है. यहां रविवार देर रात बलजीत (Baljeet) नाम का एक शख्स प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पूर्णिमा गड़रिया के दफ्तर पहुंचा. उसने अधिकारियों को खुद को पूर्व मुख्यमंत्री का पोता बताया. बलजीत सिंह का कहना था कि जब किसी इलाके में कोई शख्स कोरोना संक्रमित (Corona Infected) होता है, तो उसके पूरे इलाके को सील (Seal) कर दिया जाता है. लेकिन कोरोना संक्रमित जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के बंगले को अब तक सील नहीं किया गया है. युवक बलजीत सिंह ने खुद को कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बताया. उसने यह भी कहा कि वह जीतू और प्रियव्रत की टीम में काम करता था. युवक लगातार स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा था. वह कह रहा था कि आखिर लंबा समय बीत जाने के बाद भी मंत्री के बंगले को सील क्यों नहीं किया गया?

महिला अधिकारी ने की पुलिस से शिकायत
कुछ देर तक चली बहस के बाद महिला अधिकारी ने किसी अन्य अफसर को फोन लगाकर पता किया कि आखिर बंगले को सील करने का काम है किसके जिम्मे? जब इस महिला अधिकारी को पता चला की यह तो लोक निर्माण विभाग के अधीन आता है, तब महिला अधिकारी ने युवक को फटकारना शुरू कर दिया. अधिकारी ने अब तक चीख-चिल्ला रहे युवक को उसके आपत्तिजनक लहजे पर फटकार लगाई. मामला बिगड़ता देख युवक ने वहां से जाना उचित समझा. लेकिन महिला अधिकारी ने कुछ देर बाद युवक की शिकायत पुलिस थाने में कर दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने संज्ञान लेकर युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया.

 

कोर्ट से मिली जमानत

थाना सेंट्रल कोतवाली में पदस्थ योगेश राज जांच अधिकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ महिला अधिकारी ने युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत पर बलजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया. न्यायालय से युवक को जमानत पर छोड़ दिया गया है.