अयोध्या |  अयोध्या में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री रामजन्म भूमि परिसर में राम मंदिर की नींव रखी। भूमि पूजन में प्रधानमंत्री के साथ यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ प्रमुख मोहन भागवत मौजूद थे। इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी ने न्यूज चैनल से बातचीत में एक सवाल के जवाब में कहा कि मस्जिद के शिलान्यास पर मुझे कोई बुलाएगा नहीं, और मैं जाऊंगा भी नहीं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरा जो काम है वो काम मैं करूंगा। मैं अपने कार्य को हमेशा कर्तव्य और धर्म मानकर चलता हूं। मैं जानता हूं कि मुझे कोई बुलाएगा नहीं इसलिए मैं जाऊंगा भी नहीं।  बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ भूमि दिए जाने का फैसला दिया था। यूपी सरकार ने 5 फरवरी को ही अयोध्या जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम धन्नीपुर तहसील सोहावल में थाना रौनाही से लगभग 200 मीटर पीछे 5 एकड़ जमीन मस्जिद के लिए आवंटित की थी। यहीं पर मस्जिद का निर्माण होना है। 

उमंग और उत्साह का दिन : 
इससे पहले अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर की आधारशिला रखने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए उमंग और उत्साह का दिन है। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'राम मंदिर के निर्माण कार्य को भले ही राम मंदिर ट्रस्ट करे लेकिन पूरी अवधपुरी के भौतिक विकास और सांस्कृतिक विसारत को क्षुब्ध किए बिना इस नगरी को वैभवशाली बनाने के लिए हम सभी प्रतिबद्ध हैं।'उन्होंने कहा कि जिस अवधपुरी का एहसास कराने के लिए 500 साल से प्रतीक्षा थी, उसकी पूरे दुनिया को, समस्त भारतवासियों की भावनाओं को मूर्त रूप देने का यह अवसर आज पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस घड़ी की प्रतीक्षा में हमारी कई पीढ़ियां चली गईं। राम मंदिर के निर्माण का सपना लिए अनेक लोगों ने बलिदान दिया। यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और उसकी न्यायपालिका की शक्ति ने दुनिया को दिखा दिया है कि शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक रूप से हल किए गए मामले कैसे हो सकते हैं।इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में बुधवार को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया और मंदिर की आधारशिला रखी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दशकों पुराने मुद्दे का समाधान करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया था। आज मंदिर निर्माण की नींव रखे जाने के साथ ही राम मंदिर के लिए चलाया गया भाजपा का आंदोलन फलीभूत हो गया, जिसने भगवा दल को सत्ता के शिखर तक पहुंचा दिया।