लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार (Yogi Government) अपने इस कार्यकाल का आखिरी और पांचवां बजट (UP Budget 2021-22) 22 फ़रवरी को पेश करेगी. इस बार का बजट पिछले साल की तुलना में काफी भारी-भरकम हो सकता है. चुनावी साल होने की वजह से उम्मीद है कि इस बार सरकार साढ़े पांच लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश कर सकती है. योगी सरकार के आखिरी बजट में किसान, नौजवान और महिलाओं पर फोकस ज्यादा रहेगा.इतना ही नहीं रोजगार व इंफ्रास्ट्रक्चर को भी अहम स्थान मिलने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि अयोध्या, काशी ,मथुरा के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान. इसके साथ ही गंगा और बुंदेलखंड के लिए भी विशेष पैकेज की व्यवस्था होगी. विधानमंडल का बजट सत्र 18 फरवरी से शुरू होगा. पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल दोनों सदनों के सदस्यों के समक्ष अभिभाषण होगा. इसके बाद 22 फ़रवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बजट को पेश करेंगे. इस बार बजट का आकर भारी भरकम हो सकता है. हालांकि, कोरोना संकट की वजह से बहुत सी योजनाओं में ज्यादा बजट कम ही बढ़ा पाए, लेकिन संभावना है कि बेरोजगारों के लिए किसी योजना का ऐलान हो सकता है. साथ ही उद्यमियों के लिए भी खास तोहफा ला सकती है.

सरकार बहाल कर सकती है विधायक निधि
कोरोना महामारी की वजह से जिस विधायक निधि को सस्पेंड किया गया था, बजट में इसकी बहाली को घोषणा भी सरकार कर सकती है. इस निधि की राशि पिछले बजट में दो करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ की गई थी. लेकिन कोरोना संकट की वजह से सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष  स्थगित कर दिया था. चूँकि चुनावी वर्ष है, लिहाजा इसे बहाल किया जा सकता है, ताकि विधायक इस धनराशि का खर्च अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए कर सकें.