कोरबा. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में कोविड-19 (COVID-19)  प्रोटोकॉल में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. जांजगीर प्रशासन की बड़ी चूक सामने आई है. दरअसल, पुछेली के क्वारंटाइन सेंटर में रखी महिला को रिपोर्ट आए बिना ही छोड़ दिया गया. महिला क्वारंटाइन सेंटर (Quarentine Centre) से कोरबा (Korba) जिले के उरगा थाना क्षेत्र के तिलकेजा पहुंच गई. अब उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया है. जिले के ग्राम तिलकेजा में एक महिला की कोरोना मरीज के रूप में पहचान हुई है. बताया गया है कि महिला जांजगीर-चांपा जिले के पुछेली क्वारंटाइन सेंटर से लौटी थी.

महिला 16 मई को महाराष्ट्र से अपने मायके आई थी, जिसे जांजगीर में क्वारंटाइन किया गया था. 14 दिन पूरा होने पर 31 मई को महिला तिलकेजा लौटी थी. गांव वापस लौटने के बाद 2 जून को महिला की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई. महिला को इलाज के लिए कोरबा के कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल, घर के आसपास के एरिया को सील कर दिया गया है. सीएमएचओ डॉ. बीबी बोडे बताया कि मरीज को कोरबा के कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. परिजनों का सैंपल लिया जा रहा है. एरिया को सील किया गया है.

अधिकारी पर गिरी गाज

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी तरह की लापरवाही कोरबा के हरदीबाज़ार में सामने आई थी. क्वारंटाइन सेंटर के प्रभारी अधिकारी की लापरवाही पर कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए बाहर से आए श्रमिक और अन्य लोगों को 14 दिन तक ठहराने के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं. इन क्वारंटाइन सेंटर के संचालन के लिए प्रभारी अधिकारी की नियुक्ति की गई है. लेकिन अधिकारी ने लापरवाही की. कलेक्टर किरण कौशल ने कार्य में लापरवाही बरतने और  कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन नहीं करने के लिए क्वारंटाइन सेंटर के प्रभारी अधिकारी को आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया है.