महिला हॉस्पिटल के गेट तक तो पहुंच गई, लेकिन उसे इलाज नहीं मिल सका. सांस लेने में परेशानी हो  रही थी. कार में बैठी महिलाजीवन बचाने के लिए गुहार लगा रही थी, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं था. अंत में उसकी सांसें थम गईं

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (GIMS) में हैरान कर देने वाली घटना हुई. यहां अस्पताल के गेट पर महिला ने अपनी कार में दम तोड़ दिया. उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी. महिला इलाज के लिए तड़पती रही, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं था. जब तक डॉक्टर उसकी कार तक पहुंचे, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया, इसके बाद वहां कोई ऐसाजिम्मेदार नहीं था, जो महिला के शव को मोर्चरी तक पहुंचवा दे. महिला की लाश कार में ही तीन-साढ़े तीन घंटे तक पड़ी रही

सांस लेने में थी समस्या 
ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 में रहने वाली जागृति गुप्ता वैष्णवी इंजीनियरिंग कंपनी में काम करती थी. बताया गया है कि वह कुछ दिन से बीमार चल रही थी. कल सुबह जब उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी और ऑक्सीजन लेवल कम हो गया, तो उसके साथी और किराएदार ने उसे अस्पताल में भर्ती कराने के प्रयास किया, वे उसे लेकर नोएडा के सभी अस्पतालों में घूमे, लेकिन किसी ने भी भर्ती करना तो दूर उसका इलाज तक नहीं किया. अंत में वह कल 12:30 बजे करीब जिम्स अस्पताल पहुंचे

नहीं सुनी किसी ने 
बताया गया है कि जागृति के साथियों ने बार-बार डॉक्टर से रिक्वेस्ट की एक बार चल कर उसके मरीज को देख लें, क्योंकि उसकी हालत तेजी से बिगड़ रही है, लेकिन डॉक्टर राजी नहीं हुए और उसे कहीं ले जाने को कह दिया. इस सारी कवायद में 3 घंटे बीत गए और इस बीच अपनी खुद की सांसों को जागृति संभाल नहीं पाई और उसकी सांसें थम गईं. जागृति की साथी ने डॉक्टरों से जाकर कहा की उसकी हालत बेहद क्रिटिकल और सांस भी थम सी गईं हैं, तब डॉक्टर बाहर आए. जागृति का जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया