नई दिल्ली । संसद के शीतकालीन सत्र में उच्च सदन राज्यसभा से विपक्ष के 12 सांसदों के निलंबन से पैदा हुआ गतिरोध समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने रुख पर अड़ा हैं। विपक्ष अपने अशोभनीय आचरण के लिए माफी मांगने को तैयार नहीं है जबकि सत्ता पक्ष कह रहा है कि जब तक माफी नहीं तब तक निलंबन की वापसी नहीं। विपक्षी सांसद संसद के बाहर और भीतर दोनों ही जगहों पर एकजुट होकर निलंबर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आज राज्यसभा में 'बांध सुरक्षा विधेयक 2019' पेश करेंगे। विधेयक को कल भी सदन में पेश किया गया था, लेकिन विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष द्वारा किए गए हंगामे के कारण इसे पारित नहीं किया जा सका। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के सांसदों ने 12 राज्यसभा सांसदों के निलंबन को लेकर गांधी प्रतिमा के पास हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कोई सरकार ऐसी नहीं हो सकती है जिसके पास आंकड़े ना हो। आंकड़े ना दिखाना ये सरकार का बहाना है। लेकिन किसान झुकने वाले नहीं हैं वो लड़ेंगे और लड़ते रहेंगे। एमएसपी और उनकी जितनी भी मांगें हैं वो उसके लिए लड़ेंगे। लोकसभा में आज नियम 193 के तहत कोरोना महामारी पर चर्चा होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. मनसुख मंडाविया आज लोकसभा में राष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2021 पेश करेंगे। कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने तमिलनाडु में भारी बाढ़ और अत्यधिक वर्षा के बाद हुए नुकसान पर चर्चा करने के लिए, सरकार को प्रभावित किसानों और अपनी संपत्ति खोने वाले लोगों के लिए 4,626 करोड़ रुपए के बाढ़ राहत के मुआवजे की घोषणा करने का निर्देश देने के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है।
टीआरएस सांसद नामा नागेश्वर राव ने लोकसभा में 'खाद्यान्न खरीद पर राष्ट्रीय नीति' के मुद्दे पर चर्चा और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। वहीं, निलंबित सांसदों का साफ कहना था कि वह माफी तो नहीं मांगेंगे। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी संसद के हंगामे को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि विपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है। सरकार सदन में चर्चा की अनुमति नहीं दे रही है। विपक्षी सांसदों को भी गलत तरीके से निलंबित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि संसद के सोमवार को आरंभ हुए शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को पिछले मानसून सत्र के दौरान अशोभनीय आचरण करने की वजह से इस सत्र की शेष अवधि के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया। जिन सदस्यों को निलंबित किया गया है उनमें माकपा के इलामारम करीम, कांग्रेस की फूलों देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रताप सिंह, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और शांता छेत्री, शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम शामिल हैं।