भोपाल. मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि वह मध्य प्रदेश छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं और जहां तक राहुल गांधी के पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का सवाल है, तो यह वह ही तय करें कि अध्यक्ष बनना है या नहीं. कमलनाथ ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर ममता बनर्जी से बात की जाएगी. इसके बाद तय किया जाएगा कि एलायंस बनाना है या नहीं.

कृषि कानूनों को लेकर कमलनाथ ने कहा कि मैं किसानों के हक में लंबे समय से बोलता आया हूं. इतना बोला है कि वर्ल्ड ट्रेड आर्गनाइजेशन (WTO) की कॉन्फ्रेंस में किसानों का पक्ष लेने पर उन्हें शैतान तक कह दिया गया था. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कृषि कानूनों को गंभीरता से नहीं लिया. इसी वजह से किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा और हालात खराब हुए.

सिर्फ 20 फीसदी किसानों को मिलता है MSP का लाभ

कमलनाथ ने यह भी कहा कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पहले से होती आई है. कई बड़े उद्योगपति इस क्षेत्र के बड़े खिलाड़ी बन चुके हैं. लेकिन, कानून बनने से किसानों में चेतना आई है, क्योंकि किसान को अब समझ आया है कि उनके साथ धोखा होता है तो न्याय पाने के लिए कोई विकल्प नहीं छोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के सिर्फ 20% किसानों को MSP का लाभ मिलता है, जबकि पंजाब के लगभग 100 फीसदी किसानों को इसका फायदा मिलता है. मेरी मंशा मध्य प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करने की नहीं, बल्कि उनका उत्थान करने की थी.

विधायकों की खरीद-फरोख्‍त पर भी बोले

कमलनाथ ने कहा कि पिछले साल जनवरी में एक कांग्रेस विधायक आया था. उसने कहा- मुझे 5 करोड़ रुपए मिले हें. मैंने कह दिया था- ठीक है, मौज करो. उसने कहा कि मेरे पास इतनी बड़ी रकम रखने की जगह नहीं है, आप रख लो. तब मैंने उनसे साफ तौर पर कह दिया था कि मैं यह सब काम नहीं करता हूं. बेंगलुरु से मेरे पास फोन आते थे. विधायक कहते थे- वे इतना दे रहे हैं, आप कितना दोगे? मैंने इनकार कर दिया था. मैंने यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि मैं सौदे की राजनीति नहीं करता हूं. कमलनाथ ने कहा कि मैं मप्र की छवि सौदा स्टेट की नहीं बनने देना चाहता था.