नई दिल्ली । कोरोना संकट के बीच भारत में लगभग दो महीने के बाद तमाम एहतियाती उपायों के साथ 25 मई को विमानों ने फिर से आसमान की ऊंचाई नापी और मुसाफिरों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया। हवाई यात्रा की शुरुआत के बाद पहले दिन कुल 532 विमानों ने उड़ान भरी, जिनमें 39321 यात्रियों ने सफर किया। भारत में हवाई यात्रा शुरू पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने खुशी जताई है। बीच की सीट खाली रखने को लेकर हुए विवाद और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बीच डब्ल्यूएचओ की तकनीकी प्रमुख डॉक्टर मारिया वान करखोवे ने कहा है कि यात्रा के दौरान विमान में भी एक मीटर की दूरी मेंटेन रखी जाए। हमने बीच की पंक्ति खाली रखने की अनुशंसा की है। उन्होंने कहा कि कोरोना से संबंधित आंकड़ों के विश्लेषण में जो बातें निकलकर सामने आई हैं, उनके आधार पर हमने एक मीटर या इससे अधिक दूरी सुनिश्चित करने की अनुशंसा की है। डब्ल्यूएचओ की तकनीकी प्रमुख ने यात्रा फिर से शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि धीमी गति से ही सही, यात्रा शुरू होते देखना सुखद है। डब्ल्यूएचओ का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत में विमान की बीच वाली सीट पर बुकिंग को लेकर विवाद देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंचा। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा था, जिसमें एयर इंडिया को बीच वाली सीट के लिए बुकिंग न करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही टिकट बुक होने पर 10 दिनों तक के लिए एअर इंडिया को राहत दे दी थी।