बरेली. उत्‍तर प्रदेश के बरेली (Bareilly) के बिशारतगंज थाना क्षेत्र के अखा गांव में बड़े भाई ने छोटे भाई को जिला पंचायत (UP Panchayat Election) का चुनाव लड़ने से मना किया, तो छोटे भाई ने घर से बाहर निकलकर खुद की लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मार ली. गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा और गोली की आवाज सुनकर परिजन मौके की तरफ दौड़कर खून से लथपथ गजेंद्र को अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन उसने रास्‍ते में ही दम तोड़ दिया. घटना की जानकारी मिलने पर बिशारतगंज थाना पुलिस मोके पर पहुंची तो परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया, लेकिन गोली चलने की बात कहकर पुलिस ने पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी से मौत की पुष्टि हुई है.

दरअसल बरेली के अखा गांव निवासी बिजेंद्र सिंह अपने तीन भाई के साथ रह रहते हैं. पिछले कई वर्षों से बिंजेंद्र के परिवार के लोग ग्राम प्रधान बनते आये हैं. इस बार भी बिंजेंद्र ही गांव के प्रधान थे और आने वाले चुनाव की फिर से तैयारी कर रहे थे, लेकिन उनके छोटे भाई गजेंद्र जिला पंचायत का चुनाव लड़ना चाहते थे. यूपी पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज हुईं तो परिवार में हुई बैठक में गजेंद्र ने जिला पंचायत चुनाव लड़ने की बात कही, जिसे बड़े भाई ने खारिज कर दिया. यही बात गजेंद्र को नागवार गुजरी और घर से 50 मीटर की दूर पर जाकर निजी पिस्टल से कनपटी पर गोली मार ली. हालांकि इस घर से निकलते वक्‍त मृतक की पत्नी शंकुतला और बेटों ने पिस्‍टल ले जाने के लिए मना किया था. गजेंद्र के दो बेटे अजय प्रताप सिंह व विजय प्रताप सिंह हैं.

बड़े भाई ने खुदको माना जिम्‍मेदार

छोटे भाई की मृत्यु हो जाने के बाद बड़े भाई का रो रो कर बुरा हाल है. अब उसे इस बात का मलाल है कि आखिर उसने अपने भाई को चुनाव ना लड़ने की सलाह देकर गलत किया है. यही नहीं, बड़ा भाई अपने ही छोटे भाई की मृत्यु पर खुद को जिम्मेदार मान रहा है.


अब घटना के बाद बिजेंद्र ने थाने में भाई के खुदकुशी करने की तहरीर दी है. इंस्पेक्टर बिशारतगंज बृज किशोर मिश्रा ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते युवक के खुद को गोली मार खुदकुशी की बात सामने आई है. पुलिस इस मामले में हर बिंदु पर जांच कर रही है.