नई दिल्ली । बॉलिंग ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर का ऑस्ट्रेलिया  के खिलाफ टेस्ट डेब्यू शानदार रहा है। सुंदर को ब्रिसबेन टेस्ट में मौका दिया गया और उन्होंने इसे दोनों हाथों से लपक लिया। भारत की ब्रिसबेन में मिली शानदार जीत में सुंदर ने आर्किटेक्ट की भूमिका अदा की। टीम इंडिया  के फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने खुलासा किया है कि एक समय सुंदर के पास पैड्स भी नहीं थे कि वह बल्लेबाजी कर सकें। चेन्नई के इस युवा खिलाड़ी के लिए पिछले कुछ महीने बेहतरीन रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले सुंदर को सिर्फ टी20 सीरीज के लिए टीम में जगह दी गई थी। 
उन्हें टेस्ट स्क्वॉड में नहीं चुना गया था। टी20 सीरीज के बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट ने सुंदर को बतौर नेट बॉलर ऑस्ट्रेलिया में रोक लिया था ताकि भारतीय बैट्समैन को ऑस्ट्रेलियाई ऑफ स्पिनर नाथन लॉयन के खिलाफ बल्लेबाजी के लिए तैयार किया जा सके। अंतिम टेस्ट से पहले जब अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन चोटिल हुए तो भारतीय टीम ने सुंदर को प्लेइंग इलेवन में मौका दिया। टी20 के लिए टीम इंडिया में शामिल सुंदर ने जब ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया उस समय उनके पास सफेद कलर के पैड्स नहीं थे। 
सुंदर ब्लू कलर के पैड्स पहनकर नेट्स में बल्लेबाजी करते रहे। यहां तक कि सुंदर ने 2017 से कोई फर्स्ट क्लास मैच भी नहीं खेला। अचानक उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू का मौका मिल गया। श्रीधर ने बताया कि सुंदर के लिए पैड्स को खोजने के लिए भारतीय टीम और सपोर्ट स्टाफ को काफी संघर्ष करना पड़ा। बकौल श्रीधर हमने काफी कोशिश की लेकिन लंबे कद के सुंदर के लिए पैड्स छोटे हो रहे थे। हमने ऑस्ट्रेलियाई टीम से भी लेने की कोशिश की, लेकिन कोविड की वजह से वह पैड्स नहीं दे सकते थे। आखिरकार हम गाबा टेस्ट शुरू होने के बाद दुकान पर गए। सुंदर ने ब्रिसबेन टेस्ट में कुल 4 अहम विकेट लिए जिसमें स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर के विकेट भी शामिल थे। इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर ने पहली पारी में 62 रन की पारी खेली। दूसरी पारी में उन्होंने 22 रन का योगदान दिया। भारत ने ब्रिसबेन टेस्ट को 3 विकेट से जीता था।