चुनावी सभा में कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन:दतिया के भांडेर में कमलनाथ, कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया समेत 8 कांग्रेस नेताओं पर मुकदमा दर्ज
 

दतिया जिले के भांडेर में सोमवार को पूर्व सीएम कमलनाथ की रैली में सैकड़ों लोग और कोरोना गाइडलाइन का जमकर उल्लंघन किया गया। अब कमलनाथ और कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया समेत 8 लोगों को केस दर्ज किया गया है।
 

प्रशासन के मुताबिक सभा में कोरोना गाइडलाइन नियमों की अनदेखी की गई
 

कमलनाथ ने सभा के दौरान मास्क लगाने को कह रहे अधिकारियों को धमकाया

दतिया जिले के भांडेर में पूर्व सीएम कमलनाथ, कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी फूल सिंह बरैया, जिला अध्यक्ष नाहर सिंह यादव समेत 8 कांग्रेस नेताओं पर कोरोना गाइडलाइन की अनदेखी एवं हाई कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। सोमवार को भांडेर की कृषि उपज मंडी में हुई सभा के बाद शाम को ही एसडीएम द्वारा थाना भांडेर में कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर कराने का आवेदन दिया गया था।

भांडेर में सैकड़ों लोग पहुंचे, जबकि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सभाओं में कोरोना को देखते हुए कम से कम लोगों को बुलाना है।

मंगलवार को थाना भांडेर में कमलनाथ सहित कई कांग्रेस नेताओं पर मामला दर्ज किया गया। प्रशासन एवं निर्वाचन आयोग द्वारा सभा की वीडियोग्राफी कराकर सभा मे उपस्थित लोगों की संख्या का पता लगाने की कोशिश की गई थी। प्रशासन के मुताबिक, केवल 100 लोगों के उपस्थित होने की अनुमति थी परंतु सभा मे हजारों लोग उमड़े जिसमें तो तो सुरक्षित शारीरिक दूरी रखी गई और न ही मास्क लगाए गए।

रैली में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के मास्क पूरे समय गले में झूलते ही दिखाई दिए थे। हेलीपैड से लेकर कृषि मंडी प्रांगण और सभा मंच पर भी शारीरिक दूरी का कोई पालन नहीं किया गया। जिला प्रशासन अब पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग खंगाल रहा है कि आम सभा में कोविड-19 के नियमों की कहां-कहां पर अनदेखी की गई है।

भांडेर की सभा में भारी भीड़ जमा हुई थी।

कमलनाथ ने अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी

सभा के दौरान जब जिला और पुलिस प्रशासन के कुछ अधिकारी मास्क लगाने और शारीरिक दूरी का पालन करने का निर्देश दे रहे थे, इस पर कमलनाथ से इन अधिकारियों को धमकाते हुए कहा था कि भाजपा का बिल्ला लेकर जेब में घूमने वाले अधिकारी ध्यान से सुन लें उपचुनाव के नतीजे आने के बाद ऐसे लोगों की खैर नहीं जो पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाते हैं। यह बात सुनने के बाद कुछ अधिकारी चुपचाप वहां से निकल गए थे।