प्रधानमंत्री का 70वां जन्मदिन:विजयवर्गीय ने मोदी के काम के जुनून को लेकर एक वाकया सुनाया, बताया- उस दिन कैसे सुबह 4 बजे से रात 2 बजे तक उन्होंने काम किया था
 

प्रदर्शनी का अवलोकन करतीं पूर्व सांसद महाजन और भाजपा महासचिव विजयवर्गीय।

पूर्व लोकसभा स्पीकर, विजयवर्गीय और मंत्री सिलावट ने पीएम मोदी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया

पूर्व लोस स्पीकर महाजन ने कहा- देश को पहली बार ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो देश की नस-नस को जानता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 70वें जन्मदिन पर भाजपा कार्यालय मोदीमय नजर आया। यहां पूर्व लोस स्पीकर सुमित्रा महाजन, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसी सिलावट ने पीएम मोदी के जीवन पर आधारित एक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में उनके संघर्ष और सफलता को बखूबी उकेरा गया है। इस मौके पर विजयवर्गीय ने पीएम के काम के जुनून को लेकर एक वाकया भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि कैसे वे सुबह 4 बजे अमेरिका से लौटे और रात 2 बजे तक लगातार काम किया था।


विजयवर्गीय ने बताई पीएम को लेकर एक बात

हरियाणा के प्रभारी रहते हुए विजयवर्गीय ने प्रधानमंत्री और उनके बीच हुए एक वाकये को याद करते हुए कहा कि वे ऐसे व्यक्ति हैं जो सुबह 4 बजे से लेकर रात 2 बजे तक भी काम करते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा चुनाव के दौरान वे अमेरिका गए हुए थे। उसने मुझे सभाओं को लेकर बात करनी थी। इसलिए मैंने वहां के स्टाफ को कहा था कि वे जब भी आएं तो मेरी बात करवाना। सुबह 4 बजे वे अमेरिका से लौटे तो उनके यहां से मेरे पास कॉल आया और उन्होंने बात की।

इसके बाद वे सुबह 8 बजे वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके बाद हरियाणा में सभा लेने पहुंचे। यहां से वे महाराष्ट्र पहुंचे और वहां पर 6 सभाएं की। रात 1 बजे दिल्ली लौटे। इसके बाद उनके पीए का मेरे पास काॅल आया कि आपको एक और सभा हरियाणा में दे रहे हैं। इसके बाद रात 2 बजे फिर पीएम का कॉल आया कि दो दिन में सभा की तैयारी हो जाएगी। मैंने उनसे कहा कि जी हो जाएगी।


कांग्रेसी तक कहते हैं मोदी हैं तो सब ठीक हो जाएगा

इसके बाद मैं यह सोचने लगा कि सुबह 4 बजे अमेरिका से लौटते हैं, उसके बाद रात दो बजे तक काम करते हैं। उनके काम के इसी जुनून से हमें प्रेरणा मिलती है। उनके नेतृत्व पर देश की जनता को यह भरोसा है कि कोरोना हो या चीनी विवाद इनसे कोई निपट सकता है तो वह मोदी ही है। कांग्रेसी तक कहते हैं कि मोदी हैं तो सबकुछ ठीक कर देंगे। ऐसा आत्मविश्वास होना किसी नेता के प्रति बहुत बड़ी बात है।

मोदी जी की डिक्शनरी में असंभव शब्द है ही नहीं। विजयवर्गीय ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कहा कि जब मैं युवा मोर्चा में मैं जब राष्ट्रीय प्रभारी था तो वे युवा मोर्चा के महामंत्री थे। युवा मोर्चा के माध्यम से ही मैं गुजरात का प्रभारी बना। राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में जब मुझे हरियाणा और बंगाल में काम करने का मौका मिला तो हमने प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें देखा। रामकृष्ण आश्रम में ध्यान की शिक्षा ली। हिमालय पर ध्यान साधना की। यह भाव तो उनमें बहुत पहले से है।

वे देश की नस-नस को जानते हैं

वहीं, पूर्व लोस स्पीकर ने कहा कि चार लाइन में मैंने उन्हें शुभकामनाएं भेजी है। देश को पहली बार ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो देश की नस-नस को जानता है। कोरोना से आज पूरा विश्व पीड़ित है। उनका आत्मविश्वास डगमगा रहा है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने देशवासियों के बीच उस आत्मविश्वास को बनाए रखते हुए उसके बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को लोगों के गले तक उतार दिया है। उनका जो तरीका है, उसके कारण सब लोग उनकी बात मान लेते हैं। जिन्होंने भी देश का भला किया, उन्होंने पहले देश को समझा।