मुंबई: देश भर में कोरोना वैक्सीन से (Corona Vaccine) के अलावा अगर किसी दवा की चर्चा हो रही है तो वो फिलहाल रेमडेसिवीर (Remdesivir) इंजेक्शन है. कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमित मरीजों की जान बचाने के लिए फिलहाल रामबाण साबित हो रहे इस इंजेक्शन को लेकर देश भर में मचे हाहाकार के बीच सरकार ने शनिवार को इस इंजेक्शन के दाम दो हजार रुपये घटा दिए.

इसके बावजूद कहीं किल्लत तो कहीं रेमिडिसीवर की कालाबजारी को लेकर लगातार ये दवा चर्चा में है. इस बीच रेमडेसिवीर बनाने वाली एक फार्मा कंपनी के मालिक को जब मुंबई पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया तो सूबे की सियासत गर्मा गई. 

नेता विपक्ष का आरोप
महाराष्ट्र के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश दमन (Daman) से रेमडेसिवीर के एक सप्लायर को परेशान कर रही है क्योंकि बीजेपी नेताओं ने उनसे राज्य को एंटीवायरल दवा की आपूर्ति के लिए संपर्क किया था. मामले की जानकारी लगते ही बीजेपी नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रवीण दरेकर, प्रसाद लाड के अलावा सैकड़ों बीजेपी समर्थक डीसीपी दफ्तर पहुंचे.

फडणवीस ने मीडिया से कहा, 'कुछ दिन पहले रेमडेसिवीर बनाने वाली दमन की कंपनी ब्रुक फार्मा प्राइवेट लिमिटेड से ज्यादा वायल महाराष्ट्र को सप्लाई करने की मांग की गई थी. विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर और एमएलसी प्रसाद लाड कुछ दिनों पहले दमन गए थे. हम जानते हैं कि कंपनी को इस दवा के एक्सपोर्ट की इजाजत नही है. हमने सरकार की मंजूरी के लिए चर्चा की. इस बीच हमें फार्मा कंपनी के 2 लोगों को बीकेसी पुलिस द्वारा हिरासत में लेने का पता चला. ये उत्पीड़न है जिसका हम विरोध करते हैं.'

मुंबई पुलिस पर धमकाने का आरोप
फडणवीस ने बताया कि, (फार्मा कंपनी के मालिक से)  बात करने पर पता चला कि उन्हें धमकी दी गयी है. इस बारे में उन्होंने डीसीपी और एडिशनल सीपी से बात कर उन्हें तुरंत छोड़ने की मांग की. फड़नवीस ने महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार में एनसीपी (NCP) कोटे से मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) पर महाराष्ट्र में रेमिडीसीवीर की मौजूदा स्थिति को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया. पूर्व सीएम ने कहा कि नवाब मलिक को सिर्फ बयान देना आता है, राज्य के लोगों की जान से सरकार का कुछ लेना देना नही है.

पुलिस की सफाई
वहीं जोन 8 के डीसीपी मंजूनाथ शिंगे ने कहा कि रेमडेसिवीर की कालाबाजारी की जानकारी मिली थी. जिसके सिलसिले में हमने फार्मा कंपनी के शख्स को पूछताछ के लिए बुलाया है और मामले की जांच की जा रही है. जब तक मामले की पूरी जांच नही हो जाती तब तक इस बारे में कुछ कहना सही नहीं होगा.