नई दिल्ली । भारतीय फुटबॉल टीम के महान स्टाइकर रहे पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने कहा कि इस क्षेत्र में सफल होने के लिए 'छठी इंद्री' को विकसित करना जरुरी है। भूटिया ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) से कहा कि एक स्ट्राइकर तभी सफल हो सकता है जब वह गोल करने के अवसरों को सही तरीके से समझ सके। भूटिया ने कहा कि छठी इंद्री के जरिये ही यह पता करने की जरूरत है कि अवसर कहां से बन रहा है। दुनिया के सबसे अच्छे स्ट्राइकरों में यह समझ होती है। इस पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि आपको हालातों को पढ़ने आना चाहिए। ऐसे में जब तक आप अपनी छठी इंद्री विकसित नहीं करते, आप एक सफल स्ट्राइकर नहीं बन सकते। भारत की ओर से 104 मैचों में 40 गोल करने वाले भूटिया ने कहा कि आप 10 मौके में से एक या दो बार ही गोल करने में सफल होते है, ऐसे में आपको जो भी अवसर मिले उसमें पूरी ताकत लगाना जरुरी होता है।