अमेरिकी रिपोर्ट में पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए सुरक्षित पनाहगाह करार देने के बाद संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटरेज ने कहा कि वे सभी सदस्य देशों से प्रासंगिक सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत अपने दायित्वों के निर्वहन करने की उम्मीद करते हैं। गुटरेज के प्रवक्ता की तरफ से यह बात कही गई है।

आतंकवाद पर देश की संसदीय-अधिकार प्राप्त समिति की वार्षिक रिपोर्ट 2019 में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया, “पाकिस्तान अन्य ज्ञात आतंकवादियों जैसे जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक और संयुक्त द्वारा घोषित आतंकवादी मसूद अजहर और 2008 के मुंबई हमलों के 'प्रोजेक्ट मैनेजर साजिद मीर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जिनके बारे में माना जाता है कि वे पाकिस्तान में खुले घूम रहे हैं।”

नई दिल्ली की तरफ से कई मौकों पर पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद को प्रायोजित, बढ़ावा और समर्थन पर चिंता जताने की बात भी इस रिपोर्ट में दिखी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजार्रिक ने संवाददाताओं से कहा कि यूएन सेक्रेटरी के ऑफिस की तरफ से इस रिपोर्ट की टिप्पणी नहीं की जाएगी। लेकिन फिर भी वह अपना संदेश देने के लिए आगे बढ़े हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, वाशिंगटन में प्रेस ब्रीफिंग करते हुए दुजार्रिक ने कहा, जाहिर है सैद्धांतिक तौर पर सभी सदस्य देशों के तौर पर हम यह उम्मीद करते हैं कि वे संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावना या सुरक्षा परिषद के फैसले का पालन करें। अंतिम गणना के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के 1267 प्रतिबंधत की सूची में से 130 संस्थाएं पाकिस्तान की हैं।

लेकिन, प्रतिबंधितों पर निगरानी रखनाली कई यूएनएससी की टीमों ने इस बात को माना कि इस्लामबाद ने उनमें से ज्यादातर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उदाहरण के तौर पर इस्लामाबाद ने मार्च में दौरे पर आए यूएनएससी की टीम से कहा कि इन 130 नामित आतंकियों की न वे पहचान कर सकते हैं और न उसका पता बताने में सक्षम हैं।

नई दिल्ली स्थित आतंकवाद निरोधी अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान जैश सरगना मसूद अजहर समेत सिर्फ 19 आतंकियों की अपने यहां पर मौजूदगी को ही मानता है। मसूद को पिछले साल मई में वैश्विक आतंकवाद घोषित किया गया था, जबकि अमेरिका ने साल 2010 में मसूद अजहर को विशेष वैश्विक आतंकवादी माना था।