• बारां जिले में किशनगंज तहसील के नाथन महोदरी गांव की घटना
  • एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया

बारां जिले में किशनगंज तहसील के नाथन महोदरी गांव में गीगचा निवासी राकेश और धन्नालाल सहरिया शनिवार शाम से पार्वती नदी में एक टापू पर शरण लिए हैं। बारिश के कारण पार्वती उफान पर है। पिछले 19 घंटे से दोनों एक पेड़ पर बैठे हैं। मछली पकड़ने गए ये युवक नदी में पानी का बहाव ज्यादा होने के कारण वहीं अटके हुए हैं।

रात को घर नहीं लौटे तो शुरू हुई खोजबीन
रात को घर नहीं पहुंचे तो इसकी जानकारी बादीपुरा के सरपंच पति मलकीत सिंह के पास पहुंची। दोनों युवकों के पास मोबाइल होने का पता चला। मलकीत सिंह ने तुरंत दोनों युवकों से फोन पर बात की और पूरी जानकारी ली।

युवक बोले- उम्मीद के उलट नदी उफनती चली गई
युवकों ने ने बताया कि हम कल शाम 6:00 बजे से भूखे-प्यासे फंसे हुए हैं। उन्हें नदी का पानी उतरने की संभावना थी। इसके चलते उन्होंने कोई सूचना नहीं दी, लेकिन पानी बढ़ता गया। युवकों ने बताया कि हमारा मोबाइल स्विच ऑफ होने वाला है।

युवकों ने बताई अपनी लोकेशन, बोले- हम एक पेड़ पर हैं
पानी का बहाव बहुत तेज है। नदी उफान पर है। हम नाथन महोदरी गांव की पार्वती नदी के किनारे एक टीले के पेड़ पर फंसे हुए हैं। मलकीत सिंह ने तुरंत नाहरगढ़ पुलिस थाने में आकर सूचना दी। दोनों युवकों को बचाने के लिए रविवार सुबह प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गईं। मलकीत सिंह ने बताया कि नाहरगढ़ पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बारां से भी एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।