अहमदाबाद | 22 मार्च, 2020 से सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा के बावजूद, पश्चिम रेलवे ने 29 जून, 2020 तक मालगाड़ियों के 7,773 रेकलोड करके सराहनीय कार्य निष्पादन किया है, जिनमें पीओएल के 851, उर्वरक के 1174, नमक के 433, खाद्यान्नों के 81, सीमेंट के 506, कोयले के 299, कंटेनरों के 3919 एवं जनरल गुड्स के 38 रेकों  सहित कुल 16.21 मिलियन टन माल उत्तर पूर्वी क्षेत्र सहित देश के विभिन्न राज्यों में भेजा गया। इनके अलावा, मिलेनियम पार्सल वैन और मिल्क टैंक वैगनों के 371 रेक विभिन्न आवश्यक वस्तुओं जैसे दवा, चिकित्सा किट, जमे हुए भोजन, दूध पाउडर और तरल दूध के परिवहन  लिए उत्तरी और उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में भेजे गये। कुल 15,328 मालगाड़ियों को अन्य ज़ोनल रेलों के साथ जोड़ा गया, जिनमें 7,680 ट्रेनें सौंपी गईं और 7,648 ट्रेनों को पश्चिम रेलवे के विभिन्न इंटरचेंजपॉइंट्स पर ले जाया गया। इस अवधि के दौरान, जम्बो के 1021 रेकों, BOXN के 567 रेकों और BTPN के 451 रेकों जैसे महत्वपूर्ण आवक रेकश्रमशक्ति की कमी के बावजूद पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्थानों पर अनलोड किए गये। पश्चिम रेलवे द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 23 मार्च से 29 जून, 2020 तक, 67 हज़ार टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं को पश्चिम रेलवे द्वारा अपनी 370 पार्सल विशेष गाड़ियों के माध्यम से ले जाया गया है, जिनमें  कृषि उत्पाद, दवाऍं, मछली, दूध आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। इस परिवहन के माध्यम से उत्पन्न आय लगभग 21.73 करोड़ रु रही है, जिसके अंतर्गत इस अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे द्वारा 50 मिल्क स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें 37 हज़ार टन से अधिक का भार था और वैगनों के 100 % उपयोग के फलस्वरूप लगभग 6.45 करोड़ रु का राजस्व उत्पन्न हुआ।    इसी तरह, 26 हजार टन से अधिक भार वाली 312 कोविड -19 विशेष पार्सल ट्रेनें भी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं, जिनके लिए अर्जित राजस्व 13.52 करोड़ रुपये रहा। इनके अलावा, 3534 टन भार वाले 8 इंडेंटेडरेक भी लगभग 100% उपयोग के साथ चलाये गये, जिनसे लगभग 1.76 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। 30 जून, 2020 को दो पार्सल विशेष रेलगाड़ियाँ पश्चिम रेलवे से रवाना हुईं, जिनमें बांद्रा टर्मिनस - लुधियाना पार्सल विशेष के अलावा दूध की एक रेक पालनपुर से हिंद टर्मिनल के लिए रवाना हुई।