काठमांडू । विश्व के सबसे ऊंचे पहाड़ पर भी कचरे का ढेर इकट्ठा हो गया है सुनकर आपको आश्चर्य होगा लेकिन जब माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों के ट्रैफिक जाम की खबरें आई तब यह खुलासा हुआ। बड़े पैमाने पर पर्वतारोहियों के जमावड़े का ही असर है कि दुनिया के सबसे ऊंचे पहाड़ पर भी कचरे का ढेर इकट्ठा हो गया है। नेपाली शेरपा ने एवरेस्ट पर पहली बार सफाई अभियान शुरू किया है, जिसमें 4 मानव शव बरामद हुए हैं और 11,000 किलो कचरा मिला है। 66 साल पहले पहली बार माउंट एवरेस्ट को किसी पर्वतारोही ने फतह किया था और तब से अब तक पहली बार ऐसा मौका है, जब दुनिया की सबसे ऊंची चोटी की सफाई का अभियान शुरू किया गया है। 8,850 फीट ऊंची पर्वत चोटी से लौटने वाले पर्वतारोहियों का कहना है कि माउंट एवरेस्ट पर बड़े पैमाने पर मानव मल, ऑक्सिजन की बोतलें, टेंट, रोप, टूटी हुई सीढ़ियां, कैन्स और प्लास्टिक के तमाम रैपर पाए गए हैं। माउंट एवरेस्ट नेपाल में पड़ती है और यह इस पर्वतीय देश के लिए आय का भी एक जरिया है। माउंट एवरेस्ट पर बड़े पैमाने पर कचरे के साथ ही 300 लोगों के शव भी पाए गए हैं। माना जा रहा है कि ये उन लोगों के शव हैं, जो पर्वतारोहण अभियान के दौरान बीते कई दशकों में मारे गए। ग्लोबल वार्मिंग के चलते यहां ग्लेशियर भी तेजी से पिघल रहे हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग के महानिदेशक दांडू राज घिमिरे ने कहा, '20 शेरपा की क्लीन-अप टीम ने अप्रैल और मई में बेस कैंप से ऊपर करीब 5 टन कचरा एकत्र किया है और निचले इलाकों से भी 6 टन के करीब कचरा इकट्ठा किया गया है।'