कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रशासन बाजार के दिन और समय कम करने की कोशिश में जुट गया है। इसके तहत शहर के सभी बाजार सप्ताह में दो दिन (शनिवार-रविवार) पूरी तरह बंद रखने, जबकि शेष पांच दिन शाम 6 बजे तक दुकानें बंद कराने की तैयारी है। हालांकि प्रशासन उम्मीद कर रहा है कि सरकारी आदेश के बिना व्यापारी खुद ही इस पर अमल करें। इधर, व्यापारी भी बाजार के दिन और समय कम करने को तैयार हैं, लेकिन चाह रहे हैं कि प्रशासन आदेश निकाल दे तो अमल करना आसान हो सकेगा।

कलेक्टर मनीष सिंह ने सोमवार को प्रशासनिक संकुल में शहर के प्रमुख व्यापारी संगठनों की बैठक बुलाई। इसमें करीब 20 व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कलेक्टर ने इनसे कहा कि कोरोना से शहर को संभालने के लिए व्यापारियों की ओर से प्रशासन सहयोग चाहता है। इसमें बाजार शाम 6 बजे बंद हो जाएं। व्यापारी स्वेच्छा से रविवार के अलावा एक और दिन बाजार बंद रखें। व्यापारियों द्वारा इस संबंध में आदेश निकाले जाने की बात कहने पर कलेक्टर ने कहा कि अब आदेश निकालना प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। व्यापारी खुद ही निर्णय लेकर अमल करें।

एक को छोड़ सभी सहमत

कलेक्टर ने अपने समर्थन पर सहमति को लेकर व्यापारियों से हाथ उठाने को कहा। मालवा चैंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष मोहम्मद पीठावाला ने पूर्ण लॉकडाउन का सुझाव दे दिया। इस पर कलेक्टर ने कहा कि बिगड़ती अर्थव्यवस्था के कारण अब लॉकडाउन करना उचित नहीं होगा। पीठावाला ने कहा कि प्रशासन राजनेताओं पर भी सख्ती करे। नेता रैली आदि भीड़ वाले चुनावी आयोजन करते रहते हैं। दो दिन के पूर्ण बंद के समर्थन में लोहा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अमीर इंजीनियरवाला को छोड़ सभी कारोबारियों ने हाथ उठा दिया। कलेक्टर ने इल्वा अध्यक्ष से पूछा तो उन्होंने पहले शनिवार के बजाय किसी और दिन बंद रखने को कहा। बाद में कहा कि वे एसोसिएशन के सदस्य व्यापारियों के साथ बैठक कर फैसला करेंगे।