नई दिल्ली . टूरिज्म (Tourism) : लॉकडाउन ने जिन सेक्टरों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, उनमें टूरिज्म (Tourism), होटल (Hotel), रियल एस्टेट (Real Estate), कंस्ट्रक्शन जैसे सेक्टर शामिल हैं. ये सेक्टर ऐसे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला हुआ था. लेकिन लॉकडाउन से सबसे ज्यादा असर इन्हीं उद्योगों पर पड़ा और इनमें बड़ी तादाद में लोगों की नौकरी गई. बड़ी संख्या में लोगों को वेतन कटौती का सामना भी करना पड़ा. 
अब सरकार टूरिज्म (Tourism), होटल (Hotel), रियल एस्टेट (Real Estate), कंस्ट्रक्शन, स्टार्ट-अप और कंस्ट्रक्शन समेत छह सेक्टरों को राहत पैकेज देने पर सोच रही है. सूत्रों का कहना है कि इन सेक्टरों के लिए सरकार का खजाना खुलने ही वाला है. सरकार इन सेक्टरों में कैश फ्लो तेज करना चाहती है. सरकार को तीसरा राहत पैकेज शायद इन्हीं सेक्टर पर फोकस करेगा. मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी (Narendran Modi) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) के साथ इकनॉमी के हालात पर चर्चा की थी. इसके बाद ही इस बात के कयास लगाए जाने लगे थे कि सरकार तीसरे राहत पैकेज के तौर पर इन सेक्टरों को खड़ा करने में मदद करेगी.
सरकार की सबसे बड़ी चिंता रोजगार में इजाफा करना है ताकि लोगों के पास पैसा और मांग और खपत को रफ्तार मिले. इन सभी सेक्टरों में रोजगार देने की काफी क्षमता है और इनसे बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं. इसलिए सरकार का फोकस इन सेक्टरों को राहत देकर रोजगार में इजाफा करना है. नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने हाल में कहा था कि सरकार को उन सेक्टरों को मदद देनी चाहिए, जिनको मदद की सबसे अधिक जरूरत है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सके. लॉकडाउन के नियंत्रण की वजह से टूरिज्म (Tourism), होटल (Hotel), एविएशन, कंस्ट्रक्शन, रियल एस्टेट (Real Estate) और रोजगार देने वाले कई और सेक्टरों को करारा झटका लगा है.