नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में ममता दीदी की पार्टी विपक्ष एकता की बात करती है पर एकला चलो की राह नहीं छोड़ती है। यही कारण है कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच रिश्तों में खटास अब बढ़ती जा रही है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह कांग्रेस को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए ममता बनर्जी कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंप रही हैं। बता दें कि इस साल विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने के बाद ममता के हौसले सातवें आसमान पर हैं। लिहाज़ा वो अब अपनी पार्टी का लगातार विस्तार कर रही हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ रहा है। कई राज्यों में उनके नेता धड़ाधड़ टीएमसी में शामिल हो रहे हैं। एक खबर के अनुसार अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी भारत के अलग-अलग हिस्सों से कांग्रेस नेताओं को लुभाकर अपनी पार्टी में शामिल कर रही हैं। ऐसा लग रहा है कि वो कांग्रेस को कांग्रेस (एम) बनाना चाहती हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘वो विपक्षी गठबंधन में एक कील चला रही हैं। मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि राजीव गांधी ने उन्हें कांग्रेस में प्रमोट किया था। बाद में उन्हें कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए में मंत्री पद मिला। अब वही महिला अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंप रही हैं। कांग्रेस एक आसान लक्ष्य है क्योंकि कुछ कांग्रेस नेताओं के साथ उनके अच्छे रिश्ते हैं।’
बता दें कि दो दिन पहले भी अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी के बीच कोई डील हो गई है। उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि दीदी और मोदी के बीच इन दिनों गुप्त समझौता चल रहा है। अपनी पार्टी के नेताओं को सीबीआई और ईडी से बचाने के लिए ममता ने मोदी जी के सामने सिर झुका लिया है। पीएम मोदी और ममता बनर्जी ‘आपसी खेला’ खेल रहे हैं।’
हाल के दिनों में असम, गोवा और मेघालय में कांग्रेस के कई नेता और पूर्व सीएम कांग्रेस छोड़ कर टीएमसी में शामिल हुए हैं। चौधरी ने आगे कहा, ‘पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 37.36 फीसदी वोट मिले थे। साठ प्रतिशत ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया। चुनावी गणित बिना गठबंधन के मोदी के रथ को नहीं रोक पाएगा। ममता बनर्जी ने पलटवार करना शुरू कर दिया है। प्रशांत किशोर की आईपीएसी की मिलीभगत से टीएमसी द्वारा जानबूझकर की गई तोड़फोड़ से बीजेपी को राहत मिलने की संभावना है। किसी के लिए पीएम बनने का सपना देखना गलत नहीं है। लेकिन गठबंधन के बिना चुनावी फायदा नहीं मिल सकता है।’