मथुरा, राजस्थान के भरतपुर जिले में 35 साल पहले हुए राजा मानसिंह हत्याकाण्ड के सिलसिले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक सहित तीन दोषी बीमार हो गए हैं। तीनों को जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गौरतलब है कि 1985 विधानसभा चुनाव के दौरान राजस्थान पुलिस ने एक कथित मुठभेड़ में राजा मानसिंह नामक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह चुनाव प्रचार के लिए निकले थे, तभी अनाज मंडी में घेरकर उन पर गोलियां चलायीं गईं। घटना में उनकी और दो साथियों ठा. सुम्मेर सिंह और हरि सिंह की भी मौत हो गई थी। इस मामले में 22, जुलाई 2020 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश साधना रानी ठाकुर ने फिलहाल जीवित 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनते वक्त चूंकि सभी दोषियों की उम्र 60 पार कर चुकी थी, ऐसे में उनके वकीलों ने अदालत से उनके लिए कम से कम सजा और जेल में उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की मांग की थी। जिला कारागार अधीक्षक शैलेंद्र सिंह मैत्रेय ने बताया, ‘‘उम्रकैद की सजा काट रहे तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक कान सिंह भाटी, थानाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह और कांस्टेबल शेर सिंह की बुधवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें कारागार के चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। कान सिंह भाटी सबसे बुजुर्ग (82) कैदी हैं।’’ उन्होंने बताया, ‘‘22 जुलाई को सजा सुनाए जाने के बाद सभी को अस्थाई जेल भेज दिया गया था। उनके कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं होने की पुष्टि होने के बाद सभी को पांच दिन बाद जिला कारागार में स्थानांतरित किया गया था।’’