कई बार जिंदगी में ऐसी घटनाएं हो जाती हैं कि किस्मत जैसी चीजों पर हम यकीन करने को मजबूर हो जाते हैं.  दुर्घटनाग्रस्त हुए इथोपियन विमान के एक यात्री के साथ कुछ ऐसा ही वाकया हुआ.

इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से नैरोबी के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद इथोपियन एयरलाइंस का एक विमान रविवार सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस प्लेन का 150वां यात्री एक भाग्यशाली यूनानी था, जो दो मिनट देर से पहुंचने के चलते विमान में सवार नहीं हो पाया था. 
यात्री का कहना है कि वह उड़ान के लिए दो मिनट देर से पहुंचा, जिसकी वजह से उनकी जान बच गई. रविवार को हुए हादसे में विमान में सवार सभी 157 लोगों की मौत हो गई थी.
एंटोनिस मावरोपोलोस ने फेसबुक पर 'मेरा भाग्यशाली दिन' शीर्षक से लिखी एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं परेशान हो गया था क्योंकि किसी ने भी समय पर गेट तक पहुंचने में मेरी मदद नहीं की.’’ पोस्ट में उन्होंने अपने टिकट की तस्वीर भी साझा की है.
गैर-लाभकारी संगठन इंटरनेशनल सॉलिड वेस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मावरोपोलोस संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की वार्षिक सभा में भाग लेने के लिए नैरोबी जाने वाले थे. लेकिन वह एंट्री गेट बंद होने के महज दो मिनट बाद वहां पहुंचे और विमान में सवार नहीं हो पाए.
 गैर-लाभकारी संगठन इंटरनेशनल सॉलिड वेस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मावरोपोलोस संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की वार्षिक सभा में भाग लेने के लिए नैरोबी जाने वाले थे. लेकिन वह एंट्री गेट बंद होने के महज दो मिनट बाद वहां पहुंचे और विमान में सवार नहीं हो पाए.
उन्होंने बाद की एक उड़ान की भी टिकट बुक कर ली लेकिन फिर हवाई अड्डे के कर्मचारियों ने उन्हें उड़ान भरने से रोक दिया.
मावरोपोलोस ने अपनी पोस्ट में कहा, 'वे मुझे हवाई अड्डे के पुलिस स्टेशन तक ले गए. अधिकारी ने मुझे विरोध करने के लिए नहीं बल्कि भगवान का शुक्रिया अदा करने के लिए कहा क्योंकि मैं ही एकमात्र यात्री था जो ईटी 302 की उड़ान में नहीं चढ़ पाया था, जो विमान कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.' 
उन्होंने पोस्ट में स्वीकार किया कि वह यह खबर सुनकर दंग रह गए थे.
हवाईअड्डा के अधिकारियों ने बताया कि वे उससे पूछताछ करना चाहते हैं क्योंकि वह ही एकमात्र यात्री हैं जिसने उस उड़ान का टिकट बुक कराया था, लेकिन उसमें सवार नहीं था.
मावरोपोलोस ने कहा, 'उन्होंने बताया कि वे मुझे मेरी पहचान को क्रॉस-चेक करने से पहले जाने नहीं दे सकते, क्योंकि मैं उस विमान में सवार नहीं था.' 30 से ज्यादा देशों के यात्री इस विमान में सवार थे जिसमें से कई संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के कार्यकर्ता भी थे.