बिना ‘दिल’ के 555 दिनों तक जिंदा रहा
अगर आपसे पूछा जाए जिंदा रहने के लिए किस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत होती है? ये सवाल सुनते ही आपका जवाब होगा हवा, पानी, खाना और क्या. पर जनाब दिल को कैसे भूल गए आप, अगर दिल ही नहीं धड़केगा तो आप हवा, पानी, खाना सब लेकर भी जिंदा नहीं रह पाएंगे. अब अहम सवाल ये है कि क्या बिना दिल के कोई इंसान जिंदा रह सकता है? सवाल अजीब लग रहा होगा. लेकिन वैज्ञानिक साबित कर चुके हैं कि यह मुमकिन है. एक शख्स एक साल से भी ज्यादा समय तक बगैर दिल के रहा.

स्टेन लार्किन नाम के इस शख्स को दिल के ट्रांसप्लांट के लिए कोई डोनर नहीं मिल रहा था. ऐसे में शख्स ने लगभग 555 दिन एक आर्टिफिशियल दिल के साथ गुजारे. वो आर्टिफिशियल दिल वाले खास बैग को पीठ पर टांगकर न सिर्फ नॉर्मल रूटीन के काम करता था बल्कि दोस्तों के साथ बास्केटबॉल भी खेलता था. स्टेन लार्किन 25 साल के थे, जब उन्हें 2016 में एक नया दिल लगाया गया. लेकिन उससे करीब दो साल तक वो SyncArdia Device के सहारे जी रहे थे. इस आर्टिफिशियल दिल का वजन करीब 6 किलोग्राम था, जिसे वह अपनी पीठ पर लादकर रखते थे. यह उपकरण 555 दिन तक 24 घंटे स्टेन के दिल की तरह काम करता रहा.
स्टेन के बड़े भाई को भी लगानी पड़ी थी ये डिवाइस
हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद इस बारे में बात करते हुए स्टेन लार्किन ने कहा कि ये एक इमोशनल रोलरकोस्टर था. मैं डोनर को शुक्रिया कहना चाहता हूं जिसने खुद को मुझे सौंप दिया. मैं एक दिन उसके परिवार से मिलूंगा और उम्मीद है वो भी मुझ से मिलना चाहेंगे. स्टेन लार्किन अपने परिवार में अकेले नहीं थे जो दिल की बीमारियों से जूझ रहे थे. उनके बड़े भाई डॉम्निक को भी ऐसी ही दिक्कत थी. डॉम्निक को भी कुछ हफ़्तों तक SyncArdia Device लगाए रहना पड़ा. वहीं स्टेन की बॉडी में ये डिवाइस 555 दिनों तक लगी रही.