नई दिल्ली. आपने कभी क्रेटर सरोवर के बारे में सुना है, वो भी भारत में? अब आप सोच रहे होंगे कि यह क्रेटर क्या होता है? क्रेटर का अर्थ होता है किसी आकाशीय पिंड (Celestial bodies) द्वारा ज़मीन पर होने वाला गढ्ढा. जी हां क्रेटर सरोवर (Lonar Crater Lake) भारत में है और इस झील का पानी पूरी तरह से लाल है. ये सरोवर महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले (Buldana district Maharashtra) में स्थित है. ऐसा कहा जाता है कि यह आकाशीय उल्का पिंड की टक्कर से निर्मित पहली झील है.इस पिंड में मौजूद खारा पानी इस बात का प्रतीक है कि कभी यहां पर समुद्र हुआ करता था. वर्तमान में वैज्ञानिक इस बात की खोज कर रहे हैं कि आखिरकार इस सरोवर का पानी लाल क्यों और कैसे हुआ. इसके साथ ही वैज्ञानिक आज भी इस बात पर शोध कर रहे हैं कि लोनर में जो टक्कर हुई थी वो उल्का पिंड और धरती के बीच ही हुई थी या फिर कोई और ग्रह पृथ्वी से टकराया था.


500 मीटर गहरी है झील
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में स्थित इस झील का व्यास 1.8 किलोमीटर है और इसकी गहराई 500 मीटर है. हालांकि अब तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.रिपोर्ट के अनुसार साल 2006 में इस झील के आसपास काफी कुछ अजीब सा देखने को मिले था. झील का पानी अचानक भाप बनकर उड़ने लगा. दावा ये भी किया जाता है कि झील में पानी के भाप बनने के दौरान कुछ ग्रामीण लोगों ने कई प्रकार के खनिज और बड़े चमकते हुए क्रिस्टल देखे थे.कहा ये भी जाता है कि पृथ्वी से उल्का पिंड के टकराने के बाद उल्कापिंड तीन हिस्सों में विभाजित हुआ था. इन तीन पिंडों से लोनार के अलावा दो और स्थानों पर झील का निर्माण किया था. हालांकि वक्त के साथ और जमीन का अधिग्रहण होने से ये झीलें अब पूरी तरह से सूख चुकी हैं.Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.