नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के मतदान के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान शिव की शरण में केदारनाथ पहुंचे। मोदी रेड कारपेट पर ऐसे वेशभूषा में वहां पहुंचे कि सोशल मीडिया में उन्हें ट्रोल किया जाने लगा।  यूजर्स ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी भगवान के दर्शन करने नहीं गए, बल्कि वे खुद के दर्शन कराने मंदिर पहुंचे हैं। गौरतलब है थ्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर हैं। शनिवार को वह बाबा केदार के दर्शन करने पहुंचे। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी की शनिवार और रविवार को उत्तराखंड स्थित केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा करने की अनुमति दी थी। विपक्ष ने इस पर ऐतराज जताया है। हालांकि, आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय को यह भी याद दिलाया है कि आदर्श आचार संहिता अभी भी लागू है। सूत्र ने कहा कि मोदी की यह यात्रा आधिकारिक है, इसलिए यह की जा सकती है, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय को यह याद दिलाया गया कि आदर्श आचार संहिता अभी प्रभावी है। गौरतलब है कि मोदी के मंदिर परिसर में पहुंचने पर केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद वह भगवान शिव की पूजा अर्चना और रूद्राभिषेक के लिए मंदिर के गर्भगृह में दाखिल हुए। करीब आधे घंटे चली इस पूजा के बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर की परिक्रमा की और हाथ हिलाकर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। दर्शन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने यहां चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद में प्रधानमंत्री केदारनाथ गुफा में ध्यान करने चले गए। वे इस गुफा में 20 घंटे गुजारेंगे। कल वे बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। प्रधानमंत्री के इस दौरे का मकसद पूरी तरह से आध्यात्मिक है। हालांकि मोदी के दौरे के बीच 19 मई को आखिरी चरण की वोटिंग भी होनी है। इस चरण में पीएम मोदी की संसदीय सीट वाराणसी भी शामिल है, जहां से पिछले बार उन्होंने बड़े अंतर से चुनाव जीता था। इसके अलावा 23 मई को आने वाले नतीजों से पहले पीएम का यह दौरा काफी अहम है, क्योंकि कहा यह जा रहा है कि प्रधानमंत्री चुनावी रण में ताकत झोंकने के बाद अब भगवान से अपनी पार्टी की जीत का आशीर्वाद भी मांगा। प्रधानमंत्री का पिछले दो साल में केदारनाथ का यह चौथा दौरा है।