सर्दी के दिनों में लोग दक्षिण भारत की रुख अधिक करते हैं। खासकर दिसंबर और जनवरी के महीनों में पर्यटक ज्यादा जाते हैं। एक तरफ जहां उत्तर भारत में दिसंबर और जनवरी के दिनों में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दूसरी तरफ दक्षिण भारत में गर्मी पड़ती है। इसके लिए लोग दिसंबर के महीने में साउथ इंडिया जाना पसंद करते हैं। दक्षिण भारत द्रविड़ सभ्यता के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इतिहासकारों की मानें तो द्रविड़ सभ्यता की गिनती सबसे पुरानी सभ्यता में की जाती है। अगर आप द्रविड़ सभ्यता से रूबरू होना चाहते हैं, तो सर्दियों में दक्षिण भारत की इन शहरों की सैर करने की प्लानिंग कर सकते हैं।

कोचीन   दिसंबर के महीने में घूमने के लिए कोचीन परफेक्ट शहर है। इस शहर में ईयर एंडिंग कार्निवल फेस्टिवल का आयोजन दिसंबर में किया जाता है। काफी संख्या में पर्यटक कार्निवल फेस्टिवल में शामिल होने के लिए दुनियाभर से आते हैं। दिसंबर के महीने में उत्तर भारत में ठंडी, तो कोचीन में गर्मी पड़ती है। द्रविड़ सभ्यता से रूबरू होने के लिए आप कोचीन की सैर कर सकते हैं।

महाबलीपुरम   पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र है। हर साल काफी संख्या में दिसंबर के महीने में पर्यटक महाबलीपुरम आते हैं। जानकारों की मानें तो दिसंबर के महीने में महाबलीपुरम का मौसम बेहद सुहाना रहता है। इसके लिए पर्यटक सर्दियों में महाबलीपुरम आते हैं। आप भी वर्ष के अंत में महाबलीपुरम की सैर कर सकते हैं।

मुरुदेश्वर    यह पवित्र स्थल कर्नाटक राज्य में स्थित है। इतिहासकारों की मानें तो कर्नाटक में लिंग्यात संप्रदाय के अनुयायी रहते हैं। ऐसा माना जाता है कि सनातन धर्म में दो संप्रदाय के लोग हैं। पहला शैव संप्रदाय और दूसरा वैष्णव संप्रदाय हैं। मुरुदेश्वर में भगवान शिव की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो आकर्षण का केंद्र है। साथ ही कई अन्य विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल हैं। आप सर्दियों में मुरुदेश्वर की सैर कर सकते हैं।