श्रीनगर । अनुच्छेद 370  ले समापन के बाद पहली बार घाटी  का दौरा करने पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन होगा, चुनाव भी होगा और राज्य का दर्जा भी वापस मिलेगा। उन्होंने कहा, "कश्मीर के युवाओं पर आतंक का साया था। आज कश्मीर के युवा बदलाव की बात कर रहे हैं। खेल और पर्यटन से युवाओं को जोड़ रहे हैं। खेल ही युवाओं को हार और जीत सिखाता है।" यूथ क्लबों के सदस्यों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, "अब अनुच्छेद 370 को रद्द करना अपरिवर्तनीय है। 70 साल में देश को क्या मिला ये मैं कहना नहीं चाहता। लेकिन 70 साल में कश्मीर को 6 सांसद और तीन परिवार मिले थे। देश की आजादी के बाद 70 साल तक लोकतंत्र परिवारवाद की गिरफ्त में था।"
उन्होंने कहा "अनुच्छेद 370 हटाने के बाद कश्मीर में महीनों तक कर्फ्यू लगा रहा और दुनिया में सबसे लंबे समय तक इंटरनेट सेवा बंद रही। इसे लेकर बहुत आलोचना भी हुई। इसका मैं जवाब दूंगा लेकिन पहले मैं एक सवाल पूछना चाहता हूं। 70 साल तक, तीन परिवारों ने यहां शासन किया। कश्मीर में 40 हजार लोग क्यों मारे गए? क्या आपका पास कोई जवाब है?"
शाह ने कहा, "जब अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया था, उन्होंने लोगों को भड़काने की कोशिश की थी। एक साजिश रची गई थी, कुछ विदेशी ताकतें इसमें शामिल थीं। अगर हमने कर्फ्यू नहीं लगाया होता तो कितने पिता अपने छोटे बच्चों के ताबूतों को कंधा देते। कर्फ्यू लगाकर किसे बचाया गया? कश्मीर के युवाओं को बचाया गया।"
उन्होंने कहा, "दो साल पहले, कश्मीर से आतंकवाद और पथराव के बारे में खबरें आती थीं। आज वह विकास, शिक्षा, कौशल विकास, युवाओं की अखंडता की आती हैं।" उन्होंने कहा कि  वह कश्मीर के युवाओं के साथ दोस्ती करने के लिए कश्मीर का दौरा कर रहे हैं। मोदी जी और भारत सरकार से हाथ मिलाएं और कश्मीर को आगे ले जाने की यात्रा में भागीदार बनें। घाटी के युवाओं को अपनी प्रगति के लिए प्रशासन द्वारा बनाए जा रहे विभिन्न अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।