लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। इन सबके बावजूद सावधानियां एवं सतर्कता बरतनी पड़ेंगी। उन्होंने कहा कि सभी को अपने मन में इस बात को रखना होगा कि कोरोना इस सदी की सबसे बड़ी महामारी है। तमाम लोगों ने अपने परिजनों को खोया है। उन सबके प्रति हम सभी की संवेदनाएं हैं। सतर्कता एवं सावधानी ही इस महामारी से बचाव के साथ-साथ जीवन और जीविका दोनों को बचाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा।
मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को यहां सरस्वती शिशु मन्दिर, माधव सभागार, निराला नगर में संचालित कोविड वैक्सीनेशन सेन्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने टीकाकरण केन्द्र की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा कोविड वैक्सीन की प्रथम एवं द्वितीय डोज प्राप्त करने वाले लाभार्थियों से वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कोविड वैक्सीन की द्वितीय डोज प्राप्त करने वाले लोगों एवं वहां कार्यरत हेल्थ वर्कर्स को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आज भारत इस सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा कवच के रूप में 100 करोड़ कोविड वैक्सीन डोज देने में सफल हुआ है। भारत पूरी दुनिया में सबसे तेज, सबसे व्यवस्थित एवं सबसे अच्छा टीकाकरण अभियान संचालित करते हुए आज 100 करोड़ डोज देने के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री हेल्थ वर्कर्स तथा कोरोना वॉरियर्स का अभिनन्दन करते हुए उन्होंने कहा कि सबको वैक्सीन मुफ्त वैक्सीन प्रदान करने में प्रधानमंत्री के संकल्पों के साथ जुड़कर कोरोना मुक्त भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान देने वाले सभी लोग बधाई के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब तक 12 करोड़ 25 लाख कोरोना वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वृहद वैक्सीनेशन अभियान में सभी को बड़ी संख्या में मुफ्त वैक्सीन प्रदान करते हुए प्रदेश इस सप्ताह 13 करोड़ वैक्सीन डोज उपलब्ध करवाने में सफल होगा। उन्होंने कहा कि आगामी पर्व और त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सावधानी एवं सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। अतिरिक्त सतर्कता के रूप में इस बात का ध्यान रखना होगा कि भीड़-भाड़ से लोग बचंे। जिससे कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए दो गज की दूरी मास्क है जरूरी। मंत्र का पालन हम सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम सभी स्वाभाविक रूप से मास्क का उपयोग एवं फिजिकल दूरी बनाते हुए कार्य करें, तो कोरोना संक्रमण को रोकने में हमें सफलता प्राप्त होगी। साथ ही, कोरोना महामारी के लिए वैक्सीनेशन और इसके लिए किये जा रहे सभी उपाय भारत को इस महामारी से बचाने व जीवन और जीविका को भी बचाने में सफल होंगे।