लाहौर । सिख धर्म के महान संत और गुरु नानकदेव साहब से जुड़े एक कुएं के मिलने से श्रद्धालुओं में खुशी है। पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर पर ऐतिहासिक गुरुद्वारे के निकट 500 साल पुराने एक कुएं का पता चला है। माना जाता है कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के जीवन काल में इसका निर्माण हुआ था। गुरुद्वारा के संरक्षक सरदार गोविंद सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि लाहौर से करीब 125 किलोमीटर दूर करतारपुर कॉरिडोर पर गुरुद्वारा डेरा साहिब करतारपुर के प्रांगण की खुदाई के दौरान कुएं का पता चला। उन्होंने बताया कि 20 फीट का कुआं छोटी लाल ईंट से बना है और माना जाता है कि गुरु नानक देव के जीवनकाल के दौरान इसका निर्माण हुआ था। मरम्मत के बाद इसे श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। सिंह ने कहा, 'कुआं (खू साहिब) सिख श्रद्धालुओं के लिए वरदान होगा जो कि बैशाखी और अन्य अवसरों पर इसका मीठा पानी ले पाएंगे। कुआं के जल में बहुत सारे गुण हैं।' सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती का यह वर्ष है। उनका जन्मस्थान पाकिस्तान के श्री ननकाना साहिब में है। करतारपुर साहिब सिखों के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में शुमार होता है। यह स्थान भारतीय सीमा से करीब चार किलोमीटर दूर है और इतनी सी दूरी के चलते भारतीय सिखों को दूरबीन से अपने इस पवित्र गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करके संतोष करना पड़ता था। दोनों देशों में पिछले साल बनी नई सहमति के अनुसार भारत सरकार गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक कॉरिडोर का निर्माण करेगी और पाकिस्तान सरकार सरहद से करतारपुर साहिब तक। श्रद्धालुओं को सीमा पर स्लिप दी जाएगी, जिसके आधार पर वे करतारपुर साहिब तक आसानी से पहुंचेंगे और दर्शन करके शाम तक वापस लौट आएंगे।