मुम्बई । भारतीय टेस्ट टीम के उप कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा है कि कोरोना वायरस पर नियंत्रण के बाद जब भी खिलाड़ियों की मैदान में वापसी होगी तो विकेट का जश्न मनाने के लिये खिलाड़ियों को अपने तरीके में बदलावा करने होंगे। इसके लिए या तो नमस्ते करें याह फिर दूर से ही हाथ लहराकर दिखयें। रहाणे ने एक कार्यक्रम में कहा कि कोविड-19 के कारण आम जीवन शैली के साथ क्रिकेट का मैदान भी बदलाव से अलग नहीं रहेगा। रहाणे ने कहा, ‘‘ मैदान में खिलाड़ियों को अब और ज्यादा अनुशासित रहना होगा। खेल के दौरान सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखना होगा। विकेट गिरने के बाद हमें जश्न के लिए शायद नमस्ते का सहारा लेना पड़े। हम किसी भी चीज को हलके में नहीं ले सकते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विकेट गिरने पर हमें पुराने तरीके से जश्न मनाना होगा जहां हम अपनी जगह खड़े रह कर ताली बजाते हुए खुशी का इजहार करेगे।’’
रहाणे ने कहा कि लॉकडाउन के बीच वह अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं। खिलाड़ी के तौर पर मैदान में उतरने से पहले की चुनौती के बारे में पूछे जाने पर इस बल्लेबाज ने कहा कि इसके लिए कम से कम तीन से चार सप्ताह के कड़े अभ्यास की जरूरत होगी। देश के लिए65 टेस्ट, 90 एकदिवसीय और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय खेलने वाले इस खिलाड़ी कहा, ‘‘ मुझे लगता है किसी भी मैच (घरेलू या अंतरराष्ट्रीय) को खेलने से पहले किसी भी क्रिकेटर को मैदान और नेट पर तीन-चार सप्ताह या एक महीना का अभ्यास करना होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं अभी घर पर अभ्यास कर अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहा हूं। मैं फिटनेस के लिए कसरत, योग-ध्यान और कराटे का सहारा ले रहा हूं। मुझे ट्रेनर से इससे संबंध में कार्यक्रम मिला है। मैं इसी के मुताबिक काम कर रहा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे अपनी बल्लेबाजी की कमी महसूस हो रही लेकिन जाहिर है क्रिकेट तभी शुरू होना चाहिए जब चीजें नियंत्रित में आयें।’