ऐसा माना गया है कि स्त्री के यदि बाईं आंख फड़क रही हो तो कुछ अच्छा होता है वहीं दायीं आंख फड़क रही है तो कुछ बुरा होता है या बनते काम बिगड़ने लगते हैं.

वहीं पुरुषों के मामले में ठीक उल्टा होता है. पुरुषों के यदि बाईं आंख फड़के तो उसे अपशगुन माना जाता है वहीं दायीं आंख फड़के तो अच्छी सूचना मिलने के संकेत होते हैं.

ज्योतिष या धार्मिक शास्त्रों और मान्यताओं से अलग यदि साइंस की बात करें तो आंख का फड़कना सेहत से जुड़े संकेत होते हैं. वैज्ञानिक या मेडिकल साइंस के अनुसार आंखों का फड़कना तनाव, अनिद्रा, मांसपेशी की समस्या जैसे कारणों से होते हैं.

: यदि लगातार आंखें फड़क रही है तो इसका मतलब आंखों की मांसपेशियों में कोई समस्या या परेशानी हो सकती है.

: किसी प्रकार के तनाव के कारण यदि आप अच्छी तरह से सो नहीं पाएं हों यानी नींद पूरी न होने की स्थिति में भी आंखें रूक-रूक कर फड़कती हैं.

: लगातार कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल की स्क्रीन पर बने रहने से भी आंखों को थकान होती है और इसकी वजह से आंखें फड़कती हैं.

: आखों की कुछ समस्याएं जैसे एलर्जी, आखों में पानी आना, खुजली की परेशानी या फिर आंखों का सूखापन ये भी उन वजहों में शामिल हैं जिसकी वजह से आंख फड़क सकती हैं.

: शराब या कैफीन के सेवन से भी आंखों के फड‍़कने की समस्या शुरू हो जाती है.

: एक्सपर्ट के अनुसार यदि शरीर में मैगनीशियम जैसे मिनरल्स की कमी हो तब भी आंखें फड़कती हैं.
ज्योतिष के अनुसार आंखों के फड़कने के ये हैं मायने

महिला हो या पुरुष यदि दायीं आंख ऊपर की ओर के फलक में फड़कती है तो धन और कीर्ति की वृद्धि होती है. नौकरी में प्रमोशन मिलता है. यदि नीचे का फलक फड़कता है तो अशुभ घटना की आशंका रहती है.

बाईं आंख का उपरी फलक फड़कने से शत्रुता बढ़ती है. नीचे का फलक फड़कता है तो किसी से बिना वजह बहस हो सकती है .

बाईं आंख की नाक की ओर का कोना फड़के तो शुभ माना जाता है.