अघोरी बाबा का नाम सुनते ही हमारे मन मे उनकी छवि आ जाती है, जिस तरह तन पर भस्म लगाकर श्मशान मे रह कर अपना जीवन बिताते है वह वाकई हर किसी के लिए हैरान करने वाला होता है.

अघोरी बाबाओ के बारे मे शायद हर व्यक्ति ठीक से नहीं जानते है, अघोरीयो को सभी बाबाओं में सबसे ज्यादा शक्तिशाली माना जाता है. कई अघोरी श्मशान में तंत्र क्रिया करते है जिससे वह कई तरह की सिद्धीया प्राप्त कर लेते हैं.

अघोरीयो को अधिकतर कुंभ के मेले में देखा जाता है, जिनहे देख कई बार तो मन मे डर उत्पन्न हो जाता है. क्यो की उनकी वेशभूषा काफी डरावनी लगती है.

अघोरी बहुत ही शांत और सरल स्वभाव के होते हैं, लेकिन उनके रहने का ढ़ंग ओर रहन-सहन बहुत अलग होता है. जिसकी आम व्यक्ति कल्पना भी नहीं कर सकता है.

अघोरी साधुओँ की साधना-भक्ति में बहुत शक्तिशाली होती है. यह कई वर्षो तक पहाड़ों और जंगलों में साधना करते हैं.

कहा जाता है कि अघोरी अधिकतर श्मशान मे अपनी अपनी छोटी सी कुटिया बनाकर साधना करते हैं.

एक अघोरी साधु की औसतम आयु लगभग 150 वर्ष मानी जाती है. एक राम बाबा नामक अघोरी थे, जो 150 साल तक जीवित रहे थे, उनका जीवन बहुत ही साधारण, एवं मोह-माया से परे था.

कई अघोरी मांस का सेवन करते हैं.

अघोरी साधु कभी भी बाल, दाढ़ी और मूछें नहीं कटवाते हैं.