जोधपुर। राजस्थान में आज से 24 मई तक सख्त लॉकडाउन रहने से जोधपुर शहर की इंड्रस्टीज को कच्चा माल नहीं मिलेगा। इसके कारण इन्हें चलाना टेढ़ी खीर साबित होगा। कच्चा माल नहीं मिलने से 20 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होगा। हालांकि लॉकडाउन में इंडस्ट्रीज तो चालू है, लेकिन कच्चे माल की सप्लाई करने वाली दुकान बंद हैं। ऐसे में जोधपुर इंडस्ट्रीज को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। जोधपुर में 5 उद्योग इस समय कच्चे माल की कमी के कारण संकट में है। सबसे ज्यादा दिक्कत हैंडीक्राफ्ट उद्योग को हो रही है। इसका सालाना टर्न ओवर हजारों करोड़ रुपये का है, लेकिन टिम्बर्स का सामान नही मिलने से काम बंद पड़ा है।
  जोधपुर में हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, स्टील, केमिकल एंड मिनरल्स कलर और कोरोगेट बॉक्स एंड पेपर प्रोडक्ट का कारोबार प्रमुखतया होता है। हैंडीक्राफ्ट्स की 3 हजार छोटी बड़ी इंड्रस्टीज जोधपुर शहर में चल रही है। इसके साथ ही टेक्सटाइल की भी करीब 500 इंड्रस्टीज कच्चा माल नहीं मिलने से मुश्किल में है। वहीं अगर स्टील इंड्रस्टीज की बात करे तो प्रतिमाह 30 हजार टन स्टील का उत्पादन जोधपुर शहर में होता है। इस बीच शहर के उद्यमियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कच्चे माल की दुकानें एक दिन छोड़कर एक दिन खुलवायी जायें। मरुधरा इंड्रस्टीज एसोसिएशन के सचिव नीलेश संचेती ने कहा कि जिला प्रशासन जल्द मदद नहीं करेगा तो इंड्रस्टीज पर बड़ा संकट आ जाएगा। उल्लेखनीय है कि जोधपुर राजस्थान का दूसरा सबसे ज्यादा संक्रमित शहर है। यहां भी कोरोना संक्रमण बेकाबू हो रखा है। जोधपुर में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी काफी डरावना है। जोधपुर के अस्पताल कोरोना संक्रमित मरीजों से भर गये हैं।