कोलकाता । महान भारतीय फुटबॉलर गोस्था पाल के बेटे निरांग्शु ने कहा है कि मोहन बागान क्लब ने उनके पिता को मिले तकरीबन आठ पुरस्कार खो दिये हैं। इसमें प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान भी शामिल है। अपने पिता की 43वीं पुण्यतिथि के मौके पर 78 साल के निरांग्शु और उनके परिवार के सदस्य सोमवार को विरोध स्वरूप क्लब गए और मोहन बागान रत्न लौटा दिया जो गोस्था पाल को 2004 में मरणोपरांत दिया गया था। निरांग्शु ने कहा कि उनके परिवार के सदस्य पुरस्कार वापस हासिल करने के लिए 1996 में गोस्था पाल के जन्मशती वर्ष से प्रयास कर रहे हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पिछले साल निरांग्शु को क्लब के अधिकारियों ने उनके पिता की चीजें वापस देने के लिए बुलाया था पर वह उस समय हैरान रह गए जब उन्होंने देखा कि काकरोच और छिपकलियों से भरे थैले मे अधिकांश चीजें खराब हो चुकी हैं। इससे लापरवाही करार देते हुए निरांग्शु ने कहा कि इसके बाद उनके परिवार ने खोई हुई चीजों के संदर्भ में मैदान पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। भावुक निरांग्शु ने कहा, ‘‘लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है और इसलिए हमने रत्न भी लौटाने का फैसला किया है।’’ वहीं मोहन बागान के कोषाध्यक्ष सत्यजीत चटर्जी ने कहा कि क्लब ने इन चीजों को खोया नहीं है और वे जल्द ही पद्म श्री लौटा देंगे।