नई दिल्ली । राष्ट्रीय जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन गोपाल प्रसाद ने कहा कि 5 अगस्त को अयोध्या में भगवान राम के मंदिर शिलान्यास का लक्ष्य पूरा हो चुका है और समस्त देशवासियों में इस हेतु हर्ष का माहौल है। कांग्रेसियों, वामपंथियों एवं कट्टर मुस्लिम संगठनों को छोड़कर सभी ने इस उद्देश्य पूर्ति में अपनी सहभागिता की है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह द्वारा किए गए ट्वीट निंदनीय है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ५ अगस्त को भगवान राम के मंदिर शिलान्यास के अशुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज ने सचेत किया था। मोदी जी की सुविधा पर यह अशुभ मुहूर्त निकाला गया यानी मोदी हिंदू धर्म की हजारों वर्षों से स्थापित मान्यताओं से बड़े हैं। क्या यही हिंदुत्व है? सनातन हिंदू धर्म की मान्यताओं को नजरअंदाज करने का नतीजा है कि राम मंदिर के समस्त पुजारी कोरोना वायरस पॉजिटिव, उत्तरप्रदेश की मंत्री कमला रानी वरुण का कोरोना वायरस से स्वर्गवास, उत्तरप्रदेश के भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह कोरोना वायरस पॉजिटिव अस्पताल में,भारत के गृहमंत्री अमित शाह कोरोना वायरस पॉजिटिव अस्पताल में,मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री व मध्यप्रदेश के प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष कोरोना वायरस पॉजिटिव अस्पताल में हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा था कि "मोदी आप अशुभ मुहूर्त में भगवान राम मंदिर का शिलान्यास कर और कितने लोगों को अस्पताल भिजवाना चाहते हैं? 
गोपाल प्रसाद ने कहा कि वास्तव में केवल सनातन धर्म ही नहीं सर्वसमाज की आस्था के प्रतीक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र की जन्मभूमि पर शुरू से अंत तक कांग्रेस एवं वामपंथी पार्टियों द्वारा अनावश्यक विवाद पैदा कर भारत के धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सांप्रदायिक सद्भाव के स्वरूप को खंडित करने हेतु आमदा हैं।
स्वरूपानंद जैसे कांग्रेसी शंकराचार्य को सनातन धर्म से कोई लेना देना नहीं है और वास्तव में वे कांग्रेस की चाटुकारिता करने में लगे रहते हैं।रामसेतु को हटाने हेतु ये लोग कभी राम के अस्तित्व को नकारते हैं, वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल एवं मणिशंकर अय्यर ने श्रीराम के जन्मस्थान पर सवाल खड़े कर बार बार अवरोध उत्पन्न करने की चेष्टा करते रहे हैं। इनके मुँह से शुभ अशुभ की बात सुनना हास्यास्पद है।उनका मानना है कि शुभ कार्य के लिए कभी भी अशुभ मुहूर्त नहीं होता।देश की जनता कांग्रेस एवं वामपंथी पार्टियों की तुष्टीकरण की नीति से पूरी तरह अवगत हो चुकी है। 
गोपाल प्रसाद ने कहा कि उन्हें इस बात की टीस है कि राम जन्मभूमि निर्माण ट्रस्ट में सबसे अधिक सक्रिय एवं प्रमुख पक्षकार"अखिल भारत हिंदू महासभा" को स्थान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसपर प्रमुखता से विचार करना चाहिए। कोविड-19 के प्रोटोकॉल को लागू करने को लेकर सीएम योगी के प्रशासनिक तैयारी से वे संतुष्ट हैं। 
गोपाल प्रसाद ने विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार के उस बयान का समर्थन किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि "हमारा विश्वास है कि सारा प्रयत्न केवल एक और मंदिर बनाने के लिए नहीं है।यह अभियान तो पृथ्वी पर रामत्व की स्थापना के लिए, राम राज्य के लिए है।श्रीराम के शासन में कोई निर्धनता और बीमारी नहीं थी। विहिप अब अधिक ध्यान " रामराज्य " स्थापित करने पर केंद्रित करेगी जो समानता पर आधारित सौहार्द्रपूर्ण समाज होगा।हर कोई भोजन,कपड़ा, मकान, शिक्षा और आजीविका को लेकर आश्वस्त होगा।
गोपाल प्रसाद ने कहा कि वे देश के उन सभी संगठनों के साथ जुड़कर सकारात्मक भूमिका निभाएंगे जो देश की अशिक्षा, कुस्वास्थ्य, बेरोजगारी,मंहगाई, भ्रष्टाचार, पर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्याओं के निवारण हेतु कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि 5अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के ऐतिहासिक कार्यक्रम में राम मंदिर बाबरी मस्जिद विवाद में मुस्लिम पक्ष के मुख्य मुद्दई रहे इकबाल अंसारी को भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने तथा प्रधानमंत्री के निर्देश पर उन्हें निमंत्रित किए जाने की स्वस्थ परंपरा एवं सकारात्मक पहल का समर्थन करती है। उन्हें आशा ही नहीं विश्वास है कि अब अयोध्या के इर्द गिर्द के संपूर्ण क्षेत्र का समग्र एवं संतुलित विकास होगा।