मुंबई| रिजर्व बैंक के ब्याज दर पर निर्णय, वृहद आर्थिक आंकड़ों तथा वैश्विक रुख से इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताते हुए कहा कि जोरदार तेजी के बाद अब बाजार में 'करेक्शन' के संकेत दिख रहे हैं। इसके अलावा निवेशकों की निगाह रुपये के उतार-चढ़ाव तथा अमेरिका में बांड प्राप्ति पर भी रहेगी।    
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ''आगे की दिशा के लिए बाजार की निगाह वैश्विक आंकड़ों पर रहेगी। घरेलू मोर्चे पर बहुत अधिक नकारात्मक संकेतक नहीं हैं, लेकिन आगामी मौद्रिक समीक्षा में रिजर्व बैंक के गवर्नर की मुद्रास्फीति पर आठ अक्टूबर की टिप्पणी काफी महत्वपूर्ण रहेगी।'' मीणा ने कहा कि आठ अक्टूबर को टीसीएस के दूसरी तिामही के नतीजे भी आने हैं। उन्होंने कहा कि डॉलर इंडेक्स का उतार-चढ़ाव और अमेरिकी बांड पर प्रतिफल की वैश्विक बाजारों की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। वहीं कच्चे तेल की कीमतों का भारतीय बाजारों पर व्यापक प्रभाव रहेगा।जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि इस सप्ताह रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा आनी है। सप्ताह के दौरान सेवा पीएमआई के आंकड़े भी आने हैं।बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स बीते सप्ताह 1,282.89 अंक या 2.13 प्रतिशत नीचे आया। शुक्रवार को बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट आई। इसके अलावा बाजार का रुख रुपये के उतार-चढ़ाव, ब्रेंट कच्चे तेल के दाम तथा एफपीआई के निवेश से भी तय होगा।