नई दिल्ली । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि आदिवासियों के आत्मसम्मान के लिये उनके योगदान को देश कभी नहीं भूलेगा। झारखंड में 1875 में आज ही के दिन पैदा हुए मुंडा ने ब्रिटिश शासन को चुनौती दी थी और अंग्रेजों के खिलाफ आदिवासियों को एकजुट व प्रेरित करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। महज 25 साल की उम्र में अंग्रेजों की हिरासत में उनकी मौत हो गई थी। मुंडा को श्रद्धांजलि देते हुए कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा कि मुंडा एक आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और जननायक थे। पार्टी ने कहा, ‘अपने महज 25 वर्षों के जीवनकाल में उन्होंने इतना कुछ हासिल किया कि हमारा इतिहास हमेशा उनका ऋणी रहेगा।’ पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ और सामाजिक समानता के पक्ष में मुंडा का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, आदिवासियों की पहचान और आत्मसम्मान के लिये उनके योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कई अन्य नेताओं के साथ मुंडा को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस ने झारखंड के स्थापना दिवस पर प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं भी दीं। पार्टी ने ट्विटर पर कहा, झारखंड के स्थापना दिवस पर, हम झारखंड के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सलाम करते हैं।