भावनगर के सरकारी सर टी हॉस्पिटल में एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक कोरोना पॉजीटिव की लाश 18 दिन तक अस्पताल के स्पेशल पोस्टमॉर्टम रूम में ही पड़ी रही। जब इसकी खबर मिली तो विवाद खड़ा हो गया और फिर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने उसका अंतिम संस्कार करवाया। मरने वाले तरल मेहता (47) के माता-पिता वृद्धाश्रम में रहते हैं। परिवार के अन्य सदस्यों के बारे किसी को जानकारी नहीं।
तरल महेता को 5 सिंतबर को हार्ट प्रॉब्लम के चलते सर टी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इसके बाद उनकी कोरोना की जांच करवाई गई तो रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इसके दो दिन बाद ही यानी कि 10 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। शव को अस्पताल में ही बनाए गए स्पेशल पोस्टमॉर्टम रूम में रख दिया गया था, जिसके बाद शव यहीं पर पड़ा रहा। बीते दिन इस बात का खुलासा हुआ तो विवाद की स्थिति बनी रही। हालांकि, मरने वाले के परिवार के किसी सदस्य के बारे में जानकारी होने के चलते हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

तरल मेहता के माता-पिता पिछले 8-10 सालों से शहर के ही वृद्धाश्रम में रह रहे हैं। वहीं, मरने वाले युवक की मां तृप्तिबेन भी कोरोना पॉजिटिव हैं। जबकि पिता की उम्र 80 साल हैं और वे भी अस्वस्थ हैं। इसके चलते दोनों को बेटे की मौत की सूचना नहीं दी गई।