अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की लीक हुई रिपोर्ट के बाद अब यह लगभग साबित हो गया है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या है। जिसके बाद पिछले 100 से ज्यादा दिनों से विपक्ष के निशाने पर रही महाविकास अघाड़ी सरकार को भाजपा पर पलटवार करने का मौका मिल गया है।

मंगलवार को मीडिया के सामने आये राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सुशांत मामले में मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार को बदनाम करने की बड़ी साजिश का अंदेशा जताया है।

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) पर राज्य की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए देशमुख ने कहा,"महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी का एक बयान आया था कि सुशांत मामले में मुंबई पुलिस ने ठीक से जांच नहीं की है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई के दौरान यह ऑब्जरवेशन दिया था कि मुंबई पुलिस ने इस मामले में सही ढंग से जांच की है। इसके बावजूद मुंबई पुलिस को बदनाम करने का काम किया गया।

देशमुख ने आगे कहा,"पूरा महाराष्ट्र इस समय कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है और ऐसे समय में इतनी ओछी राजनीति करना ठीक नहीं है। सुशांत को लेकर जो झूठ फैलाया गया उसके पीछे बीजेपी का हाथ है। बिहार के चुनाव को देखते हुए इस मामले से कैसे राजनीतिक लाभ उठाया जा सकता है इस को लेकर भाजपा ने एक बड़ा षड्यंत्र रचा था।"

भाजपा को राज्य की जनता से माफी मांगनी चाहिए
देशमुख ने भाजपा से माफी मांगने की गुहार लगाते हुए कहा,"हमारा कहना यह है कि जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के महाराष्ट्र को बदनाम करने की साजिश रची उन्हें राज्य की जनता से माफी मांगनी चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें महाराष्ट्र की जनता कभी माफ नहीं करेगी।"

गृहमंत्री ने कहा,"बिहार पुलिस के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने भी महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस को बदनाम करने का काम किया। आज जिस बिहार के देवेंद्र फडणवीस प्रभारी हैं, वहीं से गुप्तेश्वर पांडे चुनाव लड़ने वाले हैं। मेरा सवाल देवेंद्र फडणवीस से है कि जिस गुप्तेश्वर पांडे ने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस को बदनाम करने का काम किया क्या वह उसके प्रचार के लिए जाएंगे