मुंबई । भारती एयरटेल और वोडाफोन आईडिया सहित कई टेलीकॉम कंपनियों को भले ही सुप्रीम कोर्ट से एजीआर बकाए को चुकाने के लिए 10 साल की मोहलत मिल गई हो, लेकिन उन्हें एजीआर बकाए का 10 फीसदी भुगतान 31 मार्च, 2021 से पहले हर हाल में करना ही होगा। टेलीकॉम विभाग के सूत्रों ने बताया कि भले ही किसी कंपनी ने इस साल एजीआर बकाए के कुछ हिस्से का भुगतान किया हो, तब भी उन पर जितना एजीआर बकाया है, उसके 10 फीसदी का भुगतान 31 मार्च से पहले करना होगा। सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस वित्त वर्ष के आ‎खिर 
तक इन दूरसंचार कंपनियों को एजीआर बकाया के रूप में कम से कम 12,921 करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा, इसमें में 80 फीसदी राशि का भुगतान भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को करना है। टेलीकॉम विभाग का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियां इस वित्त वर्ष के अंत तक 10 फीसदी एजीआर बकाए का भुगतान करने के लिए बाध्य है। दूरसंचार ‎विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगले वित्त वर्ष से टेलीकॉम ऑपरेटर्स 10 किस्तों में एजीआर बकाया का भुगतान कर सकते हैं। अधिकारी के मुताबिक 31 मार्च तक भारती एयरटेल को 4398 करोड़ रुपए और वोडाफोन आइडिया को 5825 करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा। वोडाफोन आइडिया पर कुल 58,254 करोड़ रुपए एजीआर  बकाया है और एयरटेल पर यह 43,980 करोड़ रुपए है। आईडिया वोडाफोन ने अब तक 7,854 करोड़ रुपए और भारती एयरटेल ने 18,004 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है लेकिन फिर भी इन दोनों कंपनियों को बकाया राशि का 10 फीसदी पेमेंट करना होगा। वहीं एसएनएल और एमटीएनएल ने अब तक किसी भी तरह के का पेमेंट नहीं किया है।