पटना । बिहार में कभी एकछत्र राज करने वाली लालूप्रसाद यादव की आरजेडी पार्टी इन दिनों घरेली क्लेश का शिकार है। लालू यादव के दोनों बेटों में शीत युद्ध जारी है। यहां होने वाले उपचुनाव से पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद के छोटे बेटे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव के साथ बड़ा खेल कर दिया है। तारापुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए दो दिन पहले तेज प्रताप के समर्थन से संजय कुमार ने निर्दलीय के तौर पर अपना नामांकन किया था। तेज प्रताप उपचुनाव में आरजेडी के खिलाफ अपने संगठन छात्र जनशक्ति परिषद का उम्मीदवार उतारना चाहते थे मगर क्योंकि उनका संगठन अभी चुनाव आयोग में पंजीकृत नहीं है और ना ही संगठन के पास कोई चुनाव चिन्ह है, इसी कारण से उन्होंने संजय कुमार को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना समर्थन दिया।
तेज प्रताप का आशीर्वाद प्राप्त करके संजय कुमार ने तारापुर विधानसभा सीट उपचुनाव के लिए अपना नामांकन तो कर दिया मगर दो दिन के अंदर ही तेजस्वी ने बड़ा खेल कर दिया। तेजस्वी ने शनिवार शाम संजय कुमार को अपने आवास पर बुलाया और उनसे मुलाकात की जिसके बाद उन्होंने अपना नामांकन वापस लेने का ऐलान कर दिया और आरजेडी में भी शामिल हो गए। संजय कुमार ने कहा बिहार में आरजेडी सरकार बनानी है इसीलिए मैंने फैसला किया है कि और आरजेडी परिवार को मजबूत बनाने के लिए मैं अपना नामांकन वापस लूंगा। अब मेरा मकसद है तारापुर से आरजेडी उम्मीदवार को जिताना। तारापुर सीट से अपना नामांकन वापस लेने के संजय कुमार के फैसले पर तेज प्रताप यादव ने ट्वीट कर कर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि संजय कुमार के तारापुर से नामांकन करने या अब अपना नामांकन वापस लेने के इस पूरे मामले में उनका कोई लेना देना नहीं है। इस पूरे मामले में अपना नाम घसीटे जाने को लेकर तेज प्रताप ने तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव पर हमला बोला।
तेज प्रताप ने ट्वीट करके लिखा 'मेरे लिए चुनाव में आदरणीय तेज प्रताप यादव जी प्रचार करेंगे- संजय कुमार.. जनता के लिए संजय कुमार ने अपनी उम्मीदवारी वापस ली- आरजेडी.. ना मैंने कुछ कहा ना लिखा तो इसमें मेरा क्या रोल था या है? हरियाणवी स्क्रिप्ट राइटर तुम यह फालतू सी ग्रेड कहानी कहीं और लिखना.. बिहारी सब समझते हैं।' बता दें कि राजद में विरासत की लड़ाई तेज हो गई है। राजद ने तेजप्रताप यादव को आधिकारिक तौर पर पार्टी से निकालने की घोषणा नहीं की है और न ही तेजप्रताप ने खुद पार्टी छोड़ने की कोई बात कही है लेकिन तेज प्रताप ने कई फैसले पार्टी लाइन के खिलाफ लिए हैं। हाल ही में तेज प्रताप ने तेजस्वी यादव पर बिना नाम लिए अपनी मां राबड़ी देवी और बहन मीसा भारती को इस उपचुनाव में स्टार प्रचारक नहीं बनाने पर ट्वीट कर तंज भी कसा था।